पिंजौर। दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में पिंजौर की धर्मपुर कॉलोनी निवासी नेहा सिन्हा ने कम लागत में स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक बनाकर 10 लाख रुपये का पहला इनाम जीता है। इसका उन दृष्टिबाधित लोगों को लाभ मिलेगा जो स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक अधिक महंगी होने के कारण खरीदने में असमर्थ हैं। मार्केट में सभी खूबियों से लैस उपलब्ध स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक की कीमत करीब 77 हजार रुपये है, जबकि नेहा सिन्हा की बनाई स्मार्ट ब्लांइड स्टिक की कीमत मात्र तीन हजार रुपये है।
नेहा सिन्हा ने बताया कि वह बद्दी में स्थिति एक निजी कॉलेज की बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। एक दिन वह पंचकूला के एक दृष्टिबाधित स्कूल गई थी तो वहां दृष्टिबाधित लोगों की जरूरतें देखकर उन्हें आइडिया आया। कॉलेज में प्रतियोगिता के दौरान इसी आइडिया पर काम करते हुए उसने स्मार्ट ब्लांइड स्टिक बनाई और कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इसके बाद कॉलेज ने दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में उसका नाम भेजा। इसमें विभिन्न 100 कॉलेज के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस महाकुंभ में चयनित 10 प्रतिभागियों में वह भी चुनी गई। इसके बाद 10 प्रतिभागियों को पछ़ाड़ते हुए उसने प्रथम स्थान प्राप्त कर 10 लाख रुपये का इनाम जीता। नेहा ने बताया कि उनकी बनाई स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक की विशेषता है कि यह स्टिक बाधाओं का पता लगाने, समय-तारीख की घोषणा और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान करती है। इस स्टिक को दृष्टिबाधित व्यक्तियों को सुरक्षित, अधिक स्वतंत्र नेविगेशन के साथ सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। नेहा ने बताया कि मार्केट में एक ऐसी स्टिक उपलब्ध है जिसमें उपरोक्त सारी विशेषताएं हैं परंतु उसकी कीमत करीब 77 हजार है जिसे आम द्वष्टिबाधित व्यक्ति खरीद नहीं सकता। लेकिन इनकी बनाई स्मार्ट ब्लांइड स्टिक में सभी विशेषताएं होने के साथ-साथ सबसे बड़ी बात यह है कि इसे बनाने में मात्र तीन हजार रुपये का खर्चा आया है।