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जैसे को तैसा बयान: सीएम मनोहर लाल के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से जस्टिस राज मोहन सिंह ने खुद को किया अलग

Thu, 28 Oct 2021 02:15 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याची ने कहा कि मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री बनते हुए संविधान और कानून व्यवस्था के लिए शपथ ली थी। यह बयान सीधे तौर पर उस शपथ को तोड़ने वाला है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ‘उठा लो डंडे और जैसे को तैसा’ विवादित बयान देने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई से जस्टिस राज मोहन सिंह ने खुद को अलग कर लिया है। इसके साथ ही सुनवाई के लिए नई बेंच गठित करने के लए इसे मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया है।
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जींद निवासी चंद्र शेखर व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने आवास पर 3 अक्तूबर को भाजपा की किसान विंग की बैठक ली थी। इस दौरान का उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कार्यकर्ताओं को डंडा उठाकर जैसे को तैसा की बात कही जा रही है। याची ने कहा कि इस प्रकार का बयान ब्रिटिश काल जैसा है जो भाई को भाई से लड़ाकर राज करने वाला है। 

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याची ने कहा कि मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री बनते हुए संविधान और कानून व्यवस्था के लिए शपथ ली थी। यह बयान सीधे तौर पर उस शपथ को तोड़ने वाला है। इसका वायरल होना, वह भी उस वक्त जब खीरी में इतनी हिंसा हुई, देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला है। ऐसे में मनोहर लाल से पूछा जाए कि कैसे वह इस पद पर बने रहने के लायक हैं। 
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इस मामले में याची ने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वाले व्यक्ति को इस प्रकार के अहम पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही याची ने यह भी कहा कि इस बयान के बाद यदि हिंसा की कोई भी घटना होती है तो उसमें दर्ज होने वाली एफआईआर में मनोहर लाल को आरोपी बनाया जाए, क्योंकि यह सब ऐलनाबाद उप चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।
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