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पीजीआई नर्सिंग स्टाफ को चार साल से न प्रमोशन और न ही नई नियुक्ति

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चंडीगढ़। पीजीआई नर्सिंग स्टाफ को न तो चार साल से प्रमोशन मिले और न ही चार साल से कोई नई नियुक्ति हुई है। इससे स्टाफ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि प्रमोशन नहीं होने से ऊपर की पोस्टें खाली पड़ी हैं। सीनियर नर्सिंग आफिसर की करीब 120 और असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट की 25 पोस्टें खाली पड़ी हैं। समय-समय पर प्रमोशन होते रहते तो ऊपर की पोस्टें भी भरी होती हैं और नई नियुक्तियां भी होती।
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पीजीआई नर्सिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस तरह से पीजीआई में एक्सटेंशन हो रही हैं, उस हिसाब से नर्सों की भारी कमी है। पीजीआई की ओर से करीब 1500 नर्सों की पोस्ट की स्वीकृति के लिए एक प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा गया था। करीब एक साल हो चुका है, मगर अब तक प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिली है। मौजूदा समय में पीजीआई के पास करीब 2572 नर्सों की पोस्ट हैं। इनमें से करीब 2300 नर्सें काम कर रही हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नर्सों की कमी का असर पीजीआई के कई सारे डिपार्टमेंट पर पड़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से पीडियाट्रिक, रेडियोथेरेपी, मेल सर्जिकल वार्ड, बच्चों की कार्डियक आईसीयू और इमरजेंसी शामिल है। ट्रामा ओटीज में भी नर्सों की कमी है। बताया जा रहा है कि ट्रामा में करीब 130 मरीज पर सिर्फ छह नर्सेज काम कर रही हैं। मेल सर्जिकल वार्ड में अतिरिक्त ड्यूटी लगानी पड़ रही है। पीजीआई नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सतवीर सिंह डागर का कहना है कि पीजीआई विस्तार तो करता जा रहा है, मगर नर्सिंग स्टाफ की संख्या पर ध्यान नहीं दे रहा। पहले स्टाफ पूरा करना होगा, तभी विस्तार सक्सेसफुल हो पाएंगे।
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