पंचकूला हिंसा व दंगे के मामले में आरोपी हनीप्रीत समेत अन्यों के लिए फिलहाल मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। इस मामले में पंचकूला में दर्ज एफआईआर नंबर 345 के संबंध में अब हरियाणा स्टेट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।
आरोपी हनीप्रीत और अन्य से गैर जमानती धाराएं हटने और जमानती धाराओं में उन्हें जमानत मिलने पर हरियाणा स्टेट तैयारी कर चुकी है। डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सहित अन्य वकीलों ने मामले के संबंध में हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करने की तैयारी की है। सभी आवश्यक दस्तावेज व अन्य तथ्यों से संबंधित जानकारियां और गृह मंत्रालय की अप्रूवल संलग्न कर फाइल पुलिस उपायुक्त, पंचकूला को भेज दी गई है।
पंचकूला के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पंकज गर्ग ने कहा कि 2 नवंबर को आरोपी हनीप्रीत से देशद्रोह की धारा हटाने के आदेश की कॉपी मिलते ही उनकी टीम ने केस पर काम शुरू कर दिया। टीम में शामिल पांच-छह वरिष्ठ वकीलों ने ड्राफ्ट तैयार कर पुलिस उपायुक्त कमलदीप गोयल को फाइल भेजी है। रिवीजन पिटीशन में कई प्वाइंट शामिल हैं।
इनमें शहर में की आगजनी, वाहन जलाने, सरकारी व निजी इमारतों में तोड़फोड़ व कानून व्यवस्था को बिगाड़ने जैसे कई प्वाइंट शामिल हैं। रिवीजन पिटीशन के कई सवाल खड़े किए गए हैं, जैसे-हिंसा की प्लानिंग किसकी थी? इंगित किया गया है कि, जो हुआ वह राष्ट्र के खिलाफ है। फाइल में केस से संबंधित हर घटना का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
चार दिन में ही देशद्रोह की धारा हटी और निकली जेल से बाहर
पंचकूला हिंसा मामले की आरोपी हनीप्रीत समेत अन्य सभी आरोपियों से कोर्ट ने 2 नवंबर को देशद्रोह की गैर जमानती धाराएं हटाने के आदेेश दिए थे। इसके बाद हनीप्रीत के वकील द्वारा कोर्ट में उसकी जमानत याचिका दायर की गई। 2 नवंबर के चार दिन बाद, 6 अक्टूबर को हनीप्रीत को जमानती धाराओं में कोर्ट से जमानत मिल गई। हरियाणा के इस बड़े केस में पिछड़ना पुलिस विभाग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
यही कारण है कि पुलिस विभाग अब हनीप्रीत की जमानत पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रिवाइज पिटीशन दायर करने की तैयारी में है।