पंचकूला। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में मारे गए पिंजौर निवासी बलबीर चंद की पत्नी वीना रानी को 4.14 लाख का मुआवजा और 6% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रक मालिक के पास मान्य परमिट था। ट्रक का एसबीआई जनरल इंश्योरेंस से बीमा हो रखा था। ऐसे में बीमा कंपनी को पहले मुआवजा अदा करना होगा।
17 अक्तूबर 2024 की सुबह करीब सवा चार बजे बलबीर चंद नालागढ़ से पिंजौर लौट रहे थे। वह गांव सौर गुलाबपुरा स्थित चौधरी स्वीट्स के पास सड़क किनारे वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा पास की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इसके बाद ट्रक चालक सुरजीत सिंह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अदालत में दायर की याचिका
मृतक की पत्नी वीना रानी, बेटे पंकज कुमार और बेटियां सीमा और रीमा रानी ने दावा किया कि बलबीर चंद (68) पिंजौर में फूड कोर्ट चलाते थे। वह हर महीने करीब 30 हजार कमाते थे। उन्होंने 50 लाख मुआवजे की मांग की थी। वहीं, बीमा कंपनी और ट्रक मालिक ने दावा किया कि ट्रक को झूठा फंसाया गया है। मृतक की आय का कोई सबूत नहीं है, लेकिन कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच अधिकारी के बयान के आधार पर माना कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही से हुआ।