पंचकूला नगर निगम के लाख दावों के बाद भी शहरवासियों को आवारा कुत्तों के आतंक से छुटकारा मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में रोजाना कुत्तों के काटने के 15 मामले आ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि निगम ने योजना नहीं बनाई लेकिन जो भी योजनाएं तैयार की गईं उन पर कानूनी अड़चनों के चलते पानी फिर गया। शहर को आवारा कुत्तों से मुक्त बनाने के लिए करोड़ों की लागत से सुखदर्शनपुर में कैनल हाउस बनाया गया। लेकिन वर्तमान में वहां केवल स्टरलाइजेशन ही हो रहा है। पंचकूला में 6000 कुत्ते हैं
सुखदर्शनपुर स्थित डॉग केयर सेंटर में 3 मार्च से 10 अप्रैल तक करीब 300 आवारा कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है। कुत्तों की नसबंदी का काम बेजुबान संस्थान को सौंपा गया है। संस्था द्वारा शहर में मौजूद करीब साढ़े छह हजार कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। इसके लिए संस्था के पास टीम और वैन है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9876252622 जारी किया गया है। इन नंबर पर शहर के लोगों की मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। संस्था के फाउंडर मेंबर शौर्य ने बताया कि 2019 में कुत्तों की नसबंदी की शुरुआत की गई थी। तब से अब तक करीब 6757 कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है।
2019 8947
2020 5692
2021 5500
2022 2200 (1 जनवरी से 11 अप्रैल तक )
निगम शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर वचनबद्ध है। कुत्तों के आतंक से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। मार्च से अब तक करीब तीन सौ आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। आगे भी इस काम में तेजी लाई जाएगी। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।