हरियाणा परिवहन निगम की बसों में सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम का अभाव होने पर सिर्फ यात्री नहीं बल्कि विभाग के कर्मचारी भी नाराज हैं। परिवहन के उच्चाधिकारियों की लापरवाही के चलते सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम गौण हैं।
हरियाणा राज्य रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजबीर दलाल का कहना है कि परिवहन की संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए फायर टेंडर व मेडिकल बाक्स होना अनिवार्य है। बावजूद इसके अधिकांश बसों में सुविधाओं का टोटा है।
रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर इसका विरोध भी नहीं कर सकते, क्योंकि लगभग सभी सामान्य बसों में यही हालात है। बुधवार को जब हरियाणा परिवहन की बसों में इस व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की गई तो, मेडिकल किsट और फायर टेंडर की व्यवस्था नदारद दिखी।
बस यात्रियों ने भी इस असुविधा पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं नाम न छापने की शर्त पर ड्राइवर कंडक्टरों ने बताया कि पिछले दिनों जिस तरह से हरियाणा में आंदोलन के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने चलती बसों पर ज्वलनशील पदार्थ डाले थे ऐसे हालात में बसों में फायर टेंडर होना और भी लाजिमी हो जाता है।
उन्होंने बताया कि कई बार वायरिंग में आग लगने के हालात में फायर टेंडर की आवश्यकता पड़ती है। हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रेस सचिव श्रवण जांगड़ा ने भी मांग की है कि परिवहन विभाग इस व्यवस्था को जल्द सुनिश्चित करे। वहीं पंचकूला से बहादुरगढ़ जाने वाली झज्जर डिपो की बस के परिचालक सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फायर टेंडर और मेडिकल किट की डिमांड भेजी है।