हरियाणा की जेलों की बैरक में गैंगस्टर, नामचीन बदमाशों के साथ अब सामान्य कैदी और बंदी नहीं रहेंगे। जेलों में इनकी अलग श्रेणी बनाकर सामान्य कैदियों व बंदियों से दूर रखा जाएगा। प्रदेश की जेलों में जल्दी बड़े सुधार होंगे। सरकार ने इसके लिए 4 अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति गठित की है। ये महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक का दौरा कर वहां की जेलों को सबसे अच्छा बता चुकी है।
सामान खरीदारी को किया जाएगा केंद्रीयकृत
जेलों में पहले चरण में सुधार के पंद्रह बिंदुओं पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी अपनी सहमति दे चुके हैं। जेल मंत्री रणजीत सिंह की ओर से गठित समिति कैदियों व बंदियों के खाने की गुणवत्ता भी सुधारेगी। जेलों में सामान खरीदारी को केंद्रीयकृत किया जाएगा।
सत्र न्यायाधीश करेंगे नियमित जांच, आधुनिक बनेंगी जेलें
जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि जेलों में संबंधित सत्र न्यायाधीश नियमित जांच करेंगे। जेलों में सुधार कार्यक्रम को सिरे चढ़ाने के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ के अलावा डॉक्टरों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व धर्मगुरुओं की भी मदद ली जाएगी। जेलों को आधुनिक बनाया जाएगा।
गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति में जेल विभाग के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, आईजी (जेल) जगजीत सिंह व एलआर सदस्य हैं। समिति के अनुसार आज के दिन विश्व में सबसे अच्छा जेल सिस्टम आस्ट्रेलिया का है। कोविड के कारण विदेश दौरा संभव नहीं है। इसलिए देश के विभिन्न राज्यों की सबसे अच्छी जेलों की सूची तैयार की गई है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक की जेलों की तर्ज पर हरियाणा की जेलों में सुधार कार्यक्रम लागू होंगे।