चंडीगढ़। राज्य में डेंगू और मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सीजन से पहले ही इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही व्यवस्थित तरीके से फॉगिंग, स्प्रे, जलभराव वाले क्षेत्रों और गांव के तालाबों आदि पर सख्त निगरानी रखने सहित सभी निवारक उपायों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से फॉगिंग की जाए और फॉगिंग का पहला चरण 20 जुलाई तक पूरा करना होगा। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यहां स्वास्थ्य और विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और तैयारियों की समीक्षा की।
पिछले साल मामलों में हुई वृद्धि को देखते हुए दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ सभी जिलों में भी निवारक उपायों को पहले से ही लागू किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पिछले साल मेवात, पलवल, नूंह और होडल सहित 4 जिलों से डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। डेंगू फैलने का एक मुख्य कारण मानसून की लंबी अवधि होना था। विभागों में आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए दोनों विभागों की ओर से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
गांव के तालाबों और अन्य जल निकायों में लारवा प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए गंबुजिया मछली भी डाली जाए। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, विकास एवं पंचायत विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक धीरेंद्र खडगटा सहित दोनों विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।