चंडीगढ़। वाहन हादसों के मुआवजे का भुगतान करने में देरी को लेकर लिए गए संज्ञान मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी बीमा कंपनियों को दिसंबर-2020 तक के लंबित मामलों का चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई से पहले पंजाब और हरियाणा सरकार को इस मामले में पक्ष रखने का आदेश दिया है।
चंडीगढ़ के निखिल बनाम शिव राज मामले में मोटर वाहन हादसे के मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि बड़ी संख्या में इस प्रकार के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, जिनमें अनावश्यक देरी हो रही है। ऐसे में मुआवजा संबंधी याचिका लंबित रहते पीड़ित पक्ष को राहत मिले और बीमा कंपनियों की भी राह आसान हो इसका विकल्प निकालने के लिए हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ा दिया और सभी मोटर वाहन बीमा कंपनियों को याचिका में प्रतिवादी बना लिया। साथ ही हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ तीनों को भी याचिका में पक्ष बना लिया।
कुछ कंपनियों की ओर से याचिका पर जवाब दिया जा चुका है और बाकी को अगली सुनवाई पर पक्ष रखने का आदेश दिया गया है। सभी का जवाब आने के बाद इस समस्या का हल निकालने के लिए हाईकोर्ट सुनवाई को आगे बढ़ाएगा।