फ्रेंडली लोन विवाद में कोर्ट का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सिविल कोर्ट पंचकूला ने फ्रेंडली लोन से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी को मूल राशि के साथ ब्याज देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 21 फरवरी 2026 को सुनाए निर्णय में राजीव त्यागी को खेमराज को 1.50 लाख रुपये लौटाने तथा याचिका दायर करने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार खेमराज और राजीव त्यागी के बीच कई वर्षों से अच्छे संबंध थे। मई 2021 में राजीव ने आर्थिक परेशानी का हवाला देकर खेमराज से 1.50 लाख रुपये उधार लिए और छह महीने में राशि लौटाने का भरोसा दिया।
निर्धारित समय बीतने के बाद जब खेमराज ने पैसे मांगे तो राजीव ने दिसंबर 2021 में एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में अनादरित हो गया। इसके बाद फरवरी 2022 में दिया गया एक और चेक भी बाउंस हो गया।
राशि वापस न मिलने पर जनवरी 2024 में 1.50 लाख रुपये का तीसरा चेक दिया गया, लेकिन वह भी अनादरित हो गया। इसके बाद खेमराज ने 28 मार्च 2024 को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर रकम लौटाने की मांग की, परंतु कोई जवाब नहीं मिला।
आरोपी को एक्स-पार्टी घोषित किया
मार्च 2025 में खेमराज ने सिविल कोर्ट में वसूली की याचिका दायर की। न्यायालय द्वारा जारी समन के बावजूद राजीव त्यागी पेश नहीं हुआ, जिस पर 21 जुलाई 2025 को उन्हें एकतरफा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने तीनों बाउंस चेक, बैंक रिटर्न मेमो, विधिक नोटिस तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए राजीव त्यागी को 1.50 लाख रुपये की मूल राशि के साथ याचिका दायर करने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया।