चंडीगढ़। हरियाणा में जमाखोरों और अधिक कीमत पर आवश्यक वस्तुओं को बेचने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस संदर्भ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को नियमित चेकिंग के आदेश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने इस बाबत चेतावनी भी दी है कि पकड़े जाने पर परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
यह निर्णय दुष्यंत चौटाला ने समीक्षा बैठक के बाद लिया है। उन्होंने ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-सिलेंडर, रेमडेसिविर, टॉइलीजुमब, इंजेक्टेबल अन्तिकागुलान्ट्स जैसे कि एनॉक्सआपरइन आदि की जमाखोरी रोकने व निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि 22 आवश्यक वस्तुओं का अवलोकन करने के बाद पाया गया कि पिछले दिनों में दाल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत तथा तेल में लगभग 4 से 4.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। कुछ जिलों में अन्य वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा है कि अपने-अपने जिलों के थोक विक्रेताओं से संपर्क स्थापित करते हए सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं पूर्ति को प्रतिदिन सुनिश्चित करें । थोक विक्रेताओं के आवश्यक वस्तुओं से भरे हुए ट्रक यदि पड़ोस के राज्यों में रुके हुए हैं तो संबधित जिला प्रशासन से तालमेल के बाद उन ट्रकों के मूवमेंट-पास जारी करवाए जाएं ताकि आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बाधित न हो। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक वितरण व खाद्य विभाग के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी एक पत्र लिखा है। जिसमे उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया है कि आवश्यक दवाओं को कम से कम 6 महीने तक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया जाए।