चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन मंगलवार को सदन में बजट पर बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विपक्ष ने बजट को आंकड़ों का खेल बताते हुए सवाल उठाया कि सरकार बताए कि बजट में जितनी घोषणाएं की गईं हैं, उनके लिए पैसा कहां से आएगा। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर सदन में कई बार पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
सदन में बजट पर बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस विधायक और प्रदेश कांग्रेस के नेता राजा वड़िंग ने कहा कि पिछली सरकार 2020-21 और 2021-22 में एक भी दिन ओवर ड्राफ्ट में नहीं रही। वड़िंग ने आप सरकार के बजट में ‘फरिश्ते’ योजना को सराहा लेकिन सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार ने 20834 लोगों से मिले सुझावों के आधार पर जनता का बजट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सुझाव देते हुए महिलाओं ने 1000 रुपये देने और शराब सस्ती न करने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने शराब का कोटा ही खत्म करते हुए उसे एल-1 बना दिया। सरकार ने अपने बजट में शराब से ज्यादा आय दिखाई है। इसका मतलब या तो पंजाब के लोग ज्यादा शराब पीएंगे या फिर पंजाब से शराब की तस्करी होगी। इसके अलावा जीएसटी को 27 फीसदी बढ़ा हुआ दिखाया गया है, यह कैसे आएगा।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह बजट एक एक्सेल शीट के अलावा कुछ भी नहीं है। सरकार व्हाइट पेपर लाते समय उस पर विचार-विमर्श करवा लेती या बजट को व्हाइट पेपर के हिसाब से ही बना लेती। बजट में सरकार ने 50 हजार करोड़ का कर्ज उठाने की पहले ही व्यवस्था कर ली है।
कांग्रेस विधायक अरुणा चौधरी ने कहा कि सरकार का बजट मूंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह है। सरकार के पास 20 हजार करोड़ रुपये आएंगे तो बजट में घोषित योजनाओं को शुरू किया जाएगा। शिअद के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने बजट को लेकर कहा कि इसमें महिलाओं को दिए जाने वाले 1000 रुपये के बारे में कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन महीने में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। आने वाले समय में न जाने सरकार और कितना कर्ज लेंगी। भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार केंद्र की आयुष्मान स्कीम में अपने हिस्से का पैसा नहीं देकर इसे बंद करने की ओर जा रही है।