1.26 करोड़ मुख्यमंत्री सेहत कार्डों का वितरण शुरू, 54 लाख परिवारों को मिलेगा 10 लाख तक के मुफ्त इलाज का सुरक्षा कवच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़, मोहाली। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता सीएम बनने के लिए आपस में लड़ रहे हैं। उनके पास सरकार की नीतियों की आलोचना करने के लिए कोई एजेंडा नहीं है। मान ने यह बात मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेहत कार्डों के वितरण की शुरुआत के दौरान कही।
मान ने बताया कि आप सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है जिससे विपक्षी बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आम लोगों को राहत देने में असफल रहीं। वे अब उन योजनाओं पर सवाल उठा रहे हैं जिनसे सभी परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। लोगों ने स्वयं घोषणाएं करने वाली और जमीनी स्तर पर लाभ पहुंचाने वाली सरकारों में अंतर देखा है।
पिछली सरकारों के राज में योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचा, इसलिए उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया गया। पंजाब सरकार का उद्देश्य है कि गंभीर बीमारी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लिए आर्थिक संकट न बने। इसी उद्देश्य से 1.26 करोड़ सेहत कार्डों का वितरण शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभ :
यह योजना राज्य के 54 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का सुरक्षा कवच देती है। योजना के तहत अब तक 7 लाख से अधिक मरीजों के इलाज पर करीब 1310 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। लाभार्थियों से कोई प्रीमियम या शुल्क नहीं लिया जा रहा है। पात्र परिवार सरकारी या निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार करा सकते हैं। महंगा इलाज अक्सर परिवारों को कर्ज में डुबो देता है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पैसे की कमी से किसी को इलाज टालना या छोड़ना न पड़े।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार:
पंजाब में 1100 आम आदमी क्लीनिकों का तंत्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घरों के नजदीक पहुंचा रहा है। इन क्लीनिकों में अब तक करीब 5.5 करोड़ ओपीडी विजिट दर्ज होने का दावा किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना में डायलिसिस, कैंसर उपचार और हृदय संबंधी इलाज शामिल हैं। घुटना प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद ऑपरेशन, सी-सेक्शन और ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सेवाएं भी इसमें हैं। पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में पहला किडनी ट्रांसप्लांट भी इसी योजना के तहत किया गया।
कार्ड वितरण और उपचार पैकेज :
सरकार के अनुसार, अगले चरण में 1800 से अधिक गांवों में कैंप लगाकर कार्ड वितरित किए जाएंगे। शेष पात्र परिवारों तक सेहत मित्रों और आशा वर्करों के माध्यम से घर-घर कार्ड पहुंचाए जाएंगे। योजना के तहत पंजाब और चंडीगढ़ के 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में 2356 उपचार पैकेज उपलब्ध हैं। मान ने कहा कि यदि कोई निजी अस्पताल योजना के तहत इलाज नहीं देता है तो उसकी तुरंत शिकायत करें। सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर डॉ. बलबीर सिंह और मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह भी मौजूद थे।