संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने अमृतसर में बिजली संशोधन विधेयक 2025 के मसौदे का विरोध किया। इस दौरान में केंद्र और पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेरबाला ने कहा कि 9 अक्तूबर को एक पत्र जारी किया गया है जिसके अनुसार बिजली संशोधन विधेयक 2025 का मसौदा तैयार हो चुका है और अब बिजली विभाग को पूरी तरह से निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह विधेयक पंजाब के किसानों, मजदूरों और बिजली कर्मचारियों के साथ हर वर्ग के लिए खतरनाक है।
प्रदेश नेता जरमनजीत सिंह बंडाला और कंधार सिंह भोएवाल ने कहा कि चिप वाले प्रीपेड मीटर की नीति लागू करना इसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था पर हो रहे हमले के खिलाफ लामबंद होने के लिए किसान मजदूर मोर्चा द्वारा सभी किसान मजदूर संगठनों, सभी प्रकार के कर्मचारी संगठनों, जन संघर्ष करने वाले छात्र संगठनों को 27 अक्तूबर को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में पहुंचकर अपने विचार साझा करने का निमंत्रण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान की तरह बिजली भी एक बुनियादी आवश्यकता बन गई है। बिजली का निजीकरण किया गया तो यह न सिर्फ गरीबों बल्कि पूरे मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो जाएगी। इसलिए उन्होंने सभी वर्गों से इस मसौदे को खारिज करवाने के लिए चर्चा का हिस्सा बनने की अपील की।