गुरदासपुर/चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों के मौकापरस्त नेताओं ने सरहदी क्षेत्रों की जमकर अनदेखी की। उन नेताओं ने बॉर्डर एरिया के साथ पिछड़ा शब्द जोड़ दिया, लेकिन अब हम इस शब्द को अलग करके ही सांस लेंगे। बॉर्डर एरिया में विकास का नया नाम जोड़ा जाएगा। यहां रोजगार, पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है, जबकि विपक्षी नेता सिर्फ भाई-भतीजावाद तक ही सीमित रहे हैं। सीएम मान सोमवार को दीनानगर में रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मान ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा बंद किए गए 17 टोल प्लाजा में से 14 क्षेत्र के कहलाते एक बड़े राजनेता द्वारा शुरू किए गए थे, जो राज्य के लोक निर्माण मंत्री रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने आम लोगों की सेवा करने के बजाय केवल खानापूर्ति की। यही कारण है कि बॉर्डर एरिया का विकास नहीं हो पाया। राज्य में भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन पहले से कम जरूर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों के निवासी वीर लोग हैं जिन्होंने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा की है। हालांकि इस क्षेत्र के राजनीतिक नेताओं ने प्रतिष्ठित पदों पर रहकर केवल आनंद लिया और कभी भी क्षेत्र के विकास और लोगों के कल्याण की परवाह नहीं की। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन नेताओं ने सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के बजाय अपने परिवारों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया।
मान ने कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में राजनेता के एक ही घर में अलग-अलग पार्टियों के दो झंडे लगे हैं, क्योंकि ये नेता चाहते हैं कि सत्ता की बागडोर उनके हाथ में रहे। इन नेताओं ने लोगों द्वारा चुने जाने की उम्मीद में नई योजनाएं भी तैयार की थी, लेकिन उनके सपने चकनाचूर हो गए क्योंकि लोगों ने उन्हें बुरी तरह खारिज कर दिया। मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने भाई-भतीजावाद और पक्षपात के अलावा कुछ नहीं किया।
मान ने कहा कि ओलंपिक में प्रदेश के 19 खिलाड़ी गए हैं, जो देश के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, बटाला के विधायक अमन शेर सिंह शेरी कलसी आदि मौजूद थे।