चंडीगढ़। 2002 बैच के एचसीएस अधिकारियों की भर्ती में धांधली के मामले में 53 उत्तर पुस्तिकाओं की मूल प्रति की जांच को लेकर दाखिल विजिलेंस ब्यूरो की अर्जी पर बुधवार को सभी पक्षों ने अपना-अपना जवाब दाखिल कर दिया। इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
विजिलेंस ने अपनी अर्जी में बताया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए मूल उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत है। उत्तर पुस्तिकाओं में कांट-छांट, जोड़ता-घटाना, स्याही आदि की जांच फॉरेंसिक लैब में होगी तो जांच को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इस विवाद के हाईकोर्ट में आने के बाद इन उत्तर पुस्तिकाओं की ऑरिजनल कॉपी हाईकोर्ट में मंगवा ली गई थी। 2009 में विजिलेंस के अनुरोध पर इनकी फोटोकॉपी विजिलेंस को उपलब्ध करवाई गई थी। अब विजिलेंस ने चयनित 35 एचसीएस अधिकारियों की 53 उत्तर पुस्तिकाओं की मूल कॉपी मांगी है। अर्जी में विजिलेंस ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि लैब में इनकी जांच के बाद इसे हाईकोर्ट के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
इनकी मूल कॉपी की होनी है जांच
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के ओएसडी कमलेश भादू, इनेलो के नेता शेर सिंह बडशामी के बेटे कुलधीर सिंह, हरियाणा के पूर्व डीजीपी एमएस मलिक की बेटी सरिता मलिक, राकेश कुमार, रंजीत कौर, सतीश कुमार, कुलबीर सिंह, मनीषा जैन, नरेंद्र कुमार सरवन, नीतिका लाल, पूनम नारा, संजीत कुमार, वत्सल वशिष्ठ, वीणा हुडा, अशोक कुमार व दिलबाग सिंह की कॉपी की जांच विजिलेंस करना चाहती है।