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Panchkula News: मोहाली में हर माह औसतन 15-20 लोग गवां रहे जान

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मोहाली। प्रशासन ने जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट पर राउंड अबाउट (गोल चक्कर) बनाए थे, ताकि हादसों को कम किया जा सके। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो गोल चक्कर बनने के बाद हादसे घटने के बजाय बढ़ रहे हैं। रोजाना एक दिन छोड़कर एक से दो लोग जान गवां रहे हैं। प्रशासन के रिकाॅर्ड अनुसार जिले में 92 ब्लैक स्पॉट चिह्नत किए गए हैं। जिले में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। मोहाली में हर माह औसतन 15 से 20 लोग हादसों में जान गवां रहे हैं। इसमें ज्यादातर दोपहिया वाहन सवार और पैदल चलने वाले लोगों की जानें जाती हैं। अगर इसी साल की बात करें तो जनवरी में 11, फरवरी माह में 17, मार्च माह में 25 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। जबकि अप्रैल में मात्र 7 दिन में 8 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवां चुके हैं। दरअसल जिन चौक चौराहों पर गोल चक्कर बनाए गए हैं, वह प्लास्टिक के ड्रम रखकर बनाए गए हैं जो कामयाब नहीं हो पाए। जबकि हादसों को रोकने के लिए चंडीगढ़ की तरह बड़े गोल चक्कर बनाए जाने चाहिए थे।
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हर साल औसतन 23.12 फीसदी बढ़ रहे मौत आंकड़े

मोहाली के सरकारी अस्पताल से जुटाए आंकड़ों के अनुसार 2024 के जनवरी माह में 215, फरवरी माह में 227 और मार्च माह में 282 लोग हादसों के शिकार हुए जो इलाज के लिए सिविल अस्पताल फेज-6 पहुंचे। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी सड़क हादसों के मरीज पहुंच रहे हैं। गत वर्ष 2023 में कुल 565 हादसों में 269 लोगों की जानें जा चुकी हैं। वहीं 296 हादसों में लोग गंभीर चोट के शिकार हुए। इससे पहले 2022 में 494 हादसों में 296 लोगों की जानें गईं हैं। 2021 में कुल 255 हादसे हुए, जिनमें 151 लोगों की जानें गई थीं। इसी तरह वर्ष 2020 में 257 हादसों में 158 जानलेवा साबित हुए थे। अगर देखा जाए तो हर साल 23.12 फीसदी सड़क हादसों में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़ रहा है।

लापरवाही से टक्कर मारने पर अधिक हो रहीं दुर्घटनाएं

आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर हादसों में लापरवाही से वाहन चलाते हुए पीछे से टक्कर मारी गई। यह आंकड़ा कुल हादसों का 30 प्रतिशत था। इसके बाद 26 प्रतिशत हादसों में पैदल लोगों के साथ हादसे हुए। वहीं ज्यादातर हादसे शाम को 6 बजे से 9 बजे के बीच हुए हैं। मोहाली में हर माह 15 से 20 लोग हादसों में जान गंवाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर हादसों में मरने वालों में दोपहिया वाहन सवार और पैदल व्यक्ति होते हैं।
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ये हैं संवेदनशील क्षेत्र

जिले में सबसे अधिक हादसे एयरपोर्ट रोड, सोहाना, खरड़, जीरकपुर, लालडू और डेराबस्सी में हो रहे हैं। 2023 में जिले में हुए हादसों में 62े प्रतिशत केस इन्हीं जगहों पर हुए हैं। वहीं गलत लेन पर ड्राइविंग और तेज रफ्तार बड़ा कारण हैं। ई-चालान की कमी और यातायात पुलिसकर्मियों की बेहद कम मौजूदगी भी यातायात नियमों की उल्लंघना की बड़ी वजह है। लोगों में चालान का डर खत्म होने से हादसे बढ़ गए हैं। कई लोग लाल बत्ती की उल्लंघना कर रहे हैं और लेन बदल रहे हैं। वहीं जिले में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने की भी कई घटनाएं सामने आती हैं।

जल्द स्मार्ट कैमरों को लगाने की कार्रवाई हो सकती है शुरू

जानकारी के मुताबिक मोहाली में जल्द सडक़ों पर स्मार्ट कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। जिले में करीब 400 कैमरे लगाने की योजना है। फिलहाल न्यू चंडीगढ़ की तरफ 60 कैमरे लगाए जा चुके हैं। एयरपोर्ट रोड पर भी कैमरे इंस्टॉल कर दिए गए हैं। बता दें कि 2022 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में स्मार्ट कैमरों का प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके बाद तेजी से चंडीगढ़ में यातायात नियमों की उल्लंघना के चालान काटे जा रहे हैं। वहीं कई अपराधी भी इन कैमरों की मदद से पकड़े गए हैं। हालांकि मोहाली में कुछ वर्षों से यह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हो सका है। उसे अमलीजामा पहनाना अभी बाकी है।

कोट्स

राउंड अबाउट लगाने का काम गमाडा और कार्पोरेशन का है उसके बारे में कुछ नहीं बता सकता। हमने अपनी तरफ से कार्पोरेशन व गमाडा को कई बार पत्र लिखकर जिन जगह पर एक्सीडेंट ज्यादा होते हैं राउंड अबाउट, टै्रैफिक लाइट्स, डिवाइडर व स्पीड डेबल लगाने के बारे में कह चुके हैं। हमने स्टडी करके मोहाली ट्रैफिक पुलिस की ओर से कई बार प्रपोजल भेजी है। सीसीटीवी से होने वाले ई-चालान पंजाब पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन लगा रही है। इस बारे में भी मुझे जानकारी नहीं है।
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हरिंदर सिंह मान, एसपी ट्रैफिक मोहाली।
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