मोरनी-रायपुर रानी मार्ग पर हाल ही में बनी 9 किमी सड़क बदहाल, गड्ढों और झाड़ियों से बढ़ा हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी से रायपुर रानी मार्ग पर पलासरा गांव तक लगभग नौ किलोमीटर लंबी सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है। हाल ही में बनाई गई इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई परत और धंसी हुई सड़क लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। हालत यह है कि कई स्थानों पर वाहनों का निकलना बेहद कठिन हो गया है लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है और न ही किसी प्रकार का अस्थायी या स्थायी समाधान किया गया है।
रात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा
वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। खराब सड़क, अंधेरा और किसी भी तरह की चेतावनी पट्टिकाओं के अभाव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग ठेकेदारों पर मेहरबान बना हुआ है।
झाड़ियों से संकरी हुई सड़क
इतना ही नहीं, पलासरा गांव से भूड गांव की ओर बनाई गई सड़क के दोनों ओर घास और झाड़ियां उग आने से मार्ग संकरा हो गया है। आमने-सामने से आने वाले वाहनों को क्रॉस करने में भारी परेशानी हो रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। धुंध के मौसम में यह समस्या और भी घातक साबित हो सकती है। बरसात समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, इसके बावजूद सड़क किनारे सफाई न कराया जाना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
रोजाना परेशान हो रहे ग्रामीण
स्थानीय वाहन चालक और ग्रामीण रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग आंखें मूंदे बैठा है। लोगों का कहना है कि घटिया निर्माण कार्य के बावजूद ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे विभाग की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोट
एक-दो दिन में सड़क के दोनों ओर लगी झाड़ियों की कटाई करवा दी जाएगी। 12 फीट चौड़ी सड़क पर सफेद पट्टी लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। - नरेश कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग