कोरोना के इस दौर में सरकार ने कई अस्पतालों को कोविड-हॉस्पिटल में कन्वर्ट किया हुआ है। ऐसे अस्पतालों में संक्रमित और संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है। इस स्थिति में इन मरीजों के साथ-साथ अन्य मरीजों के लिए भी वेंटिलेटर की भी खासी जरूरत महसूस हो रही है। कई अस्पताल ऐसे हैं जहां वेंटिलेटर की कमी बनी हुई है। खासकर सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर सुविधा की ज्यादा कमी है।
अस्पतालों में वेंटिलेटर सुविधा के मौजूदा हालातों को ही देखते हुए रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) एक खास तरह का स्वदेशी मल्टी पेशेंट वेंटिलेटर तैयार करने में जुटा हुआ है। इस वेंटीलेटर की खास बात यह है कि एक बार में यह मशीन कई मरीजों की जिंदगी को संभालने में सक्षम होगी और यह एक ही वेंटीलेटर एक बार में कई मरीजों को सपोर्ट कर सकेगा।
डीआरडीओ जल्द से जल्द इस वेंटीलेटर को तैयार कर इसे लांच करेगा। प्रदेश के अधिकतर प्राइवेट अस्पतालों में भी यह सुविधा बहुत कम है। एक सीनियर सरकारी डॉक्टर ने बताया कि वेंटिलेटर न होने की वजह से कई बार क्रिटिकल मरीज को पीजीआई भेजना पड़ता है। मगर यदि कई मरीजों को एक बार में संभालने वाला कोई वेंटिलेटर बनता है तो निसंदेह यह उपकरण क्रिटिकल मरीजों के लिए एक वरदान से कम साबित नहीं होगा।