हरियाणा में अब किराना दुकानदारों का साप्ताहिक रोस्टर तैयार होगा उनके खुलने का समय दिन और घंटे तय किए जाएंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक दुकान व्यवस्थित तरीके से खोली जाए और जो लोग राशन खरीदने आ रहे हैं, उनके द्वारा भी सोशल डिस्टेसिंग के मानदंडों का पालन करवाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने नोडल अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक में यह निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से मोबाइल ओपीडी की संख्या बढ़ाने को भी कहा। इन मोबाइल ओपीडी की जिले, ब्लॉक और गांवों में जाने की सूचना एडवांस में दी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने टेलीमेडीसिन और मोबाइल ओपीडी को कोविड हेल्पलाइन के साथ जोडऩे का निर्देश दिया ताकि नॉन-कोविड रोगियों को भी सभी आवश्यक चिकित्सीय परामर्श मिल सकें।
इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निजी क्लीनिक खोले जाएं ताकि सामान्य बीमारियों के रोगियों को चिकित्सा परामर्श के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर न जाना पड़े। उन्होंने उपायुक्तों निर्देश दिए कि दोबारा उपयोग में लाए जाने वाले कपड़े के मास्क बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिन्हें बाजारों में भी बेचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को कपड़े के मास्क की रोजाना धुलाई के संबंध में भी निर्देश जारी करना चाहिए और इसके लिए सभी को व्यापक रूप से जागरूक भी किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीपीई किट के उपयोग के बारे में प्रोटोकॉल प्रकाशित करने के लिए व्यापक प्रचार किया जाए।
स्लम एरिया में चेकिंग अभियान बढ़ाये
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट क्षेत्रों और स्लम क्षेत्रों में गहन परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। कंटेनमेंट जोन योजना के बारे में निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक उपायुक्त कंटेनमेंट प्लान का बारीकी से पालन करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट जोन की योजना नियमित रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि लाल, हरे और नारंगी के अनुसार क्षेत्रों का वर्गीकरण किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि आवश्यक हो, तो जिला प्रशासन और पुलिस को सीसीटीवी के माध्यम से कंटेनमेंट क्षेत्रों के एंट्री और एग्जिट की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कटेनमेंट जोन से संबंधित प्रोटोकॉल का सावधानीपूर्वक पालन किया जाना चाहिए।