पंचकूला। अब शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को लकड़ियां नहीं खरीदनी पड़ेंगी, क्योंकि अब गैस आधारित शवदाह गृह में ही अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इससे काफी हद तक शहरवासियों को प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी। सेक्टर-20 स्थित श्री सनातन धर्म बैकुंठ धाम में प्रदेश सरकार ने 75 लाख रुपये की लागत से गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित किया है। इसका शुक्रवार को ट्रायल हुआ। इसमें कृत्रिम शव को 1: 45 घंटे में जलाया गया। श्री सनातन धर्म बैकुंठ धाम समिति के प्रधान प्रदीप गोयल ने बताया कि गैस शवदाह सिस्टम को बनाने में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने सहयोग किया।
प्रदीप गोयल ने बताया कि प्रदेश के 10 नगर निगम में गैस आधारित शवदाह गृह को स्थापित किया गया है। इनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर-जगाधरी, करनाल, हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत और बहादुरगढ़ शामिल हैं। इसके अलावा कई नगर परिषदों में भी गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित किए जा रहे हैं। अभी तक कई शहरों में इलेक्ट्रानिक शवदाह गृह स्थापित हैं, लेकिन गैस शवदाह सिस्टम अत्याधुनिक सिस्टम से लैस होने के साथ पंचकूला में पहला है। यहां गैस शवदाह सिस्टम से अंतिम संस्कार भी शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार में मात्र दो कामर्शियल गैस सिलिंडर लगते हैं।
डेढ़ से दो घंटे में संस्कार हो जाता है। इसके एक घंटे बाद परिजन अस्थियों को विसर्जित करने के लिए ले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गैस शवदाह सिस्टम के साथ ही लकड़ी से भी अंतिम संस्कार की सुविधा है। इसके लिए 35 सौ रुपये की पर्ची कटवानी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए श्री सनातन धर्म बैकुंठ धाम समिति के पदाधिकारियों का आभार जताया है। लोगों ने कहा कि गैस शवदाह सिस्टम के शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों को कई तरह का फायदा होगा। उन्हें अब संस्कार करने के लिए लकड़ी के लिए मोटी रकम नहीं खर्च करनी पड़ेगी।
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ठंड और बारिश के मौसम में शवों के अंतिम संस्कार के लिए सूखी लकड़ियां मिलनी मुश्किल हो जाती हैं। पहले से ही पीड़ा से घिरे परिवार को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इस समस्या से निजात मिल जाएगी। इससे प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। - ज्ञानचंद गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष