चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई अथवा पैरोल देने से इन्कार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सरकार को 23 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
अमृतपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत के पंजाब सरकार के निर्णय को अवैध, अस्पष्ट और अनुचित बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। याचिका में केंद्र, पंजाब सरकार और अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि उन्हें एनएसए की धारा 15 के प्रावधानों के अनुरूप अस्थायी रिहाई अथवा पैरोल प्रदान की जाए ताकि वह संसद के बजट सत्र में भाग ले सकें। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 13 फरवरी और 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
अमृतपाल ने याचिका में कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद में उनके मुद्दों को उठाना चाहते हैं, जो लोकतंत्र की भावना और संविधान की मंशा के अनुरूप है। अगस्त 2025 की बाढ़ से उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग एक हजार गांव प्रभावित हुए थे, जिनकी समस्याओं को संसद में उठाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र में बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव और विकास संबंधी मुद्दों को भी वह संसद में उठाना चाहते हैं।
सांसद का कहना है कि पंजाब सरकार ने उनकी प्रतिनिधित्व याचिका को बिना ठोस कारण बताए खारिज कर दिया, जो कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।