चंडीगढ़। ट्रैफिक चालान का भुगतान करने के लिए वर्चुअल कोर्ट न होने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट व पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
इससे पहले पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि वर्चुअल कोर्ट के लिए मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट आरंभ करने की योजना है। इसके सफल रहने पर इसे अन्य जिलों पर भी लागू किया जाएगा। तंत्र विकसित करने के लिए अभी नेशनल इंफॉरमेशन ग्रिड की मंजूरी का इंतजार है।
याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी अक्षित ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब के प्रमुख शहरों में अब सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक की निगरानी हो रही है। इसके चलते ट्रैफिक चालान की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पंजाब के पड़ोसी राज्यों में चालान भरने के लिए वर्चुअल कोर्ट की व्यवस्था है लेकिन पंजाब में ऐसा नहीं है। वर्चुअल कोर्ट में कोई भी व्यक्ति अपना दोष स्वीकार करके चालान ऑनलाइन भर सकता है।
वर्तमान में लोगों को चालान भरने के लिए अदालतों में आने को मजबूर होना पड़ता है। अदालतों पर पहले से ही बहुत भार है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि पंजाब सरकार को निर्देश दिया जाए कि ट्रैफिक चालान को भरने के लिए पंजाब भर में वर्चुअल कोर्ट स्थापित की जाए। याची ने कोर्ट को बताया कि मोहाली और लुधियाना जैसे शहरों में ट्रैफिक चालान सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से किए जा रहे हैं।