पिंजौर। राज्य सरकार ने करीब 20 करोड़ की राशि मंजूर कर अमृत धारा पेयजल योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बनाई थी, परंतु अभी तक इस योजना को लागू नही किया गया है। इसको लेकर क्षेत्र के रामबीर, राजेश कुमार, बलबीर, मेहर, रामलखन समेत कई लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल ने शिवालिक विकास मंच के प्रधान और राज्य सरकार में चेयरमैन रह चुके विजय बंसल एडवोकेट को ज्ञापन सौंपा।
इन लोगों ने विजय बंसल को बताया कि अमरूत पेयजल योजना का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से इस परियोजना के तहत कॉलोनियों में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई हैं, और सीवरेज के लिए टेंडर भी अलाट हो गए हैं। लोगों को न तो पानी मिल रहा है, न ही सीवरेज का फायदा मिल पा रहा है। विजय बंसल ने बताया कि उन्होंने समस्या के हल के लिए हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री कमल गुप्ता को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने बताया है कि नगर परिषद कालका के अंतर्गत सुविधाओं का अभाव है। अमृत योजना में करोड़ों रुपये तो लग गए परंतु लोगों को फायदा नहीं मिला है।
लोगों को पेयजल सुविधाएं दी जानी जरूरी है। अब आलम यह है कि लोगों को पानी के टैंकर मंगवाकर घरों के टैंक में स्टोर करना पढ़ता है। इससे महामारी फैलने का खतरा है। इसके साथ ही नगर परिषद कालका के अधिकारियों के ढुलमुल और लापरवाही रवैया का नतीजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। प्रमुख रूप से इस योजना के अंतर्गत लोगों को पेयजल, सीवरजे, 3 एसटीपी प्लांट समेत अन्य सुविधाओं का लाभ मिलना था, जिससे लोगों को वंचित रखा जा रहा है।