मर्डर के केस में अंबाल जेल में बंद दो भाइयों ने जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी लगाकर अपनी बहन का अंतिम संस्कार करने के लिए जेल से बाहर लाने की अपील की।
अर्जी पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि कस्टडी में दोनों को बाहर लाया जाए और अंतिम संस्कार करने दिया जाए। अर्जी में कहा गया कि तीन दिन से बहन का शव घर में पड़ा है।
अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं है।
चंडीगढ़ के मौली जागरां निवासी रमेश और सुरेश दो भाई हैं और मर्डर के आरोप में अंडर ट्रायल अंबाला जेल में बंद हैं। आरोप हैं कि रंजिश के चलते गत वर्ष उन्होंने सेक्टर-21 में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बाद में दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया था। तब से दोनों जेल में बंद हैं। उन्होंने सोमवार को कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है कि 22 सितंबर को उनकी विधवा बहन की मौत हो गई।
तब से शव का किसी ने अंतिम संस्कार नहीं किया। मंगलवार को पुलिस को नोटिस हुआ और पुलिस ने जवाब दिया कि मौत हुई है। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों आरोपियों को बहन का अंतिम संस्कार करने के लिए कस्टडी में बाहर लाया जाए। अंतिम संस्कार का खर्च खुद आरोपी वहन करेंगे।
कोर्ट ने यह आदेश जेल अधीक्षक और डीसीपी पंचकूला को दिए है।