अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने नाबालिग के साथ रेप करने के दोषी को दस साल कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, दो पर आरोप साबित नहीं होने के चलते बरी कर दिया गया।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, 35 वर्षीय विनोद सेक्टर-21 के साथ लगते गांव महेशपुर से 25 नवंबर 2012 को एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश ले गया था।
वहां उसके साथ रेप किया गया। विनोद के पड़ोस में रहने वाले मनोज और उसकी पत्नी राधा ने भी उसका साथ दिया था। 21 दिसंबर 2012 को लड़की के पिता ने शिकायत दी, जिसके बाद उक्त तीनों के खिलाफ सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया था।
इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। ट्रायल के दौरान कोर्ट ने राधा और मनोज को बरी कर दिया, लेकिन विनोद को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पोसको) की धारा छह के तहत दोषी पाया और सजा दी।