चंडीगढ़। पंजाब में महीनों से लंबित वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) का मामला आखिर सुलझ गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट होकर उस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें दस्तावेज जारी करने में भारी देरी की शिकायत उठाई गई थी। सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को जानकारी दी गई कि बड़े पैमाने के बैकलाॅग को अब पूरी तरह निपटा दिया गया है।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की पीठ के सामने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की तरफ से एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया कि पहले अधिकृत वेंडर के अचानक हटने से संकट खड़ा हुआ और 4.34 लाख आरसी, डीएल लंबित हो गए थे। विभाग ने तत्काल इन-हाउस प्रिंटिंग शुरू की और फिर दो सरकारी वेंडरों को काम सौंपकर पूरा सिस्टम दोबारा पटरी पर लाया।
रिपोर्ट के अनुसार, लंबित सभी कार्डों की प्रिंटिंग पूरी कर ली गई है। 31 अक्तूबर तक 4,27,824 दस्तावेज लोगों को भेजे जा चुके हैं जबकि बचे हुए 6,176 कार्डों की डिस्पैच प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन्हें 15 दिन में वाहन मालिकों तक पहुंचाने का भरोसा दिया गया। सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता को उसका दस्तावेज मिल चुका है। याचिकाकर्ता ने बताया कि पहली सुनवाई के बाद ही उसकी आरसी पहुंचा दी गई थी। अदालत ने इसे देखते हुए माना कि याचिका में उठाई गई शिकायत अब जारी नहीं रह गई।
याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को निर्देश दिया कि बचे हुए सभी 6,176 दस्तावेज तय समय सीमा में भेजे जाएं। यह जनहित याचिका अप्रैल में मोहाली निवासी नेहा शर्मा ने दायर की थी जिन्होंने अपनी आरसी लंबे समय से लंबित रहने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।