चंडीगढ़-अमृतसर। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तरनतारन उपचुनाव से जुड़े बहुचर्चित मामले में अकाली दल उम्मीदवार की बेटी कंचनप्रीत कौर की गिरफ्तारी के मामले में उन्हें किसी भी तत्काल राहत से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक कंचनप्रीत कौर के अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं होते, तब तक न तो मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई की जाएगी और न ही पुलिस उनकी रिमांड की डिमांड पेश कर सकेगी।
शुक्रवार को पुलिस ने कंचन प्रीत कौर को गिरफ्तार किया था। अकाली नेता अर्शदीप सिंह कलेर ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि कंचन तरनतारन उपचुनाव में शिअद प्रत्याशी सुखविंदर कौर की बेटी हैं। उनके खिलाफ 4 मामले दर्ज हैं और सभी में उन्हें जमानत मिल चुकी है। कंचन को राजनीतिक दबाव के चलते गिरफ्तार किया गया है। उसे गिरफ्तार करते हुए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन तक नहीं किया गया। उन्हें सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया है जबकि यह नियमों के खिलाफ है। गिरफ्तारी का जो मेमो दिया गया है उसमें इसके लिए आधार भी नहीं बताए गए हैं।
याचिका पर पंजाब सरकार ने बताया कि तय प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही गिरफ्तारी की गई है और शनिवार को ही उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। याची के वकील ने कहा कि वह खुद पेश होकर कंचन की तरफ से मजिस्ट्रेट के सामने पैरवी करना चाहते हैं। कोर्ट ने इसकी अनुमति देते हुए आदेश की प्रति मजिस्ट्रेट को भेजने का आदेश दिया है ताकि उनकी उपस्थिति में ही रिमांड पर निर्णय लिया जाए।