पंचकूला। साहू टूर एंड ट्रैवल्स फर्म के संचालक मुनीष साहू ने पांच माह पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे को पत्र लिखकर वेस्टर्न कमांड चंडीमंदिर की अनियमितताओं से अवगत कराया था। आरोप है कि अंबाला की एक ऐसी फर्म को उसकी क्षमता से कई गुना अधिक राशि का ठेका दिया गया, जबकि फर्म टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं करती है। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी फर्म के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पंचकूला सेक्टर-7 स्थित होटल रेड बिशप में वीरवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में मुनीष साहू ने आरोप लगाया कि अंबाला छावनी की जिस मानस रोडलाइन को दो करोड़ मूल्य का ठेका दिया गया, उसकी कांट्रेक्ट कैरिंग कैपेसिटी (सीसीसी) महज 14 लाख है, जबकि उसे दो करोड़ का ठेका दे दिया गया। ठेकों का ब्यौरा सरकार के जीईएम पोर्टल पर मौजूद है। सीसीसी की गणना वेस्टर्न कमांड द्वारा आवेदक फर्म की बैलेंस शीट को देखकर की जाती है।
वेस्टर्न कमांड के 21 जून 2019 के पत्र के अनुसार दो करोड़ रुपये का ठेका लेने वाली फर्म के पास आठ लाइट व्हीकल, तीन बसें और पांच ट्रक होने की शर्त थी। शर्तों के अनुरूप मानस रोडलाइन के पास पर्याप्त वाहन नहीं हैं। उसकी फर्म एक किराए के एड्रेस पर रजिस्टर्ड है। नियमानुसार फर्म का रजिस्ट्रेशन स्थायी पते पर होना चाहिए। साहू का कहना है कि उनकी फर्म को 15 वर्षों से वेस्टर्न कमांड के कसौली और शिमला स्टेशन संबंधी ठेके मिलते रहे हैं। अंबाला की फर्म मानस रोडलाइन ने रक्षा अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके क्षमता से अधिक का ठेका हासिल कर लिया है। इसी गड़बड़ी के कारण मनीष की साहू टूर एंड ट्रैवल्स को ठेका नहीं मिल पाया है। साहू ने आगे कहा कि उन्होंने थल सेनाध्यक्ष को ठेकों में अनियमितता का शिकायती पत्र 29 सितंबर 2021 को लिखा था, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए उन्हें यह मामला प्रेस में उठाने पर मजबूर होना पड़ा।