चंडीगढ़। साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हुई हिंसा में हुए 288 करोड़ के नुकसान के मुआवजे के निर्धारण के लिए बुधवार को नव गठित फुल बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान पूरे मामले के बारे में बेंच को अवगत करवाया गया और अब यह बेंच क्लेम का निपटारा कौन करेगा इसको लेकर सुनवाई आरंभ करेगी।
मुआवजे को लेकर 1 मार्च को तीन जजों की फुल बेंच में से जस्टिस तेजिंदर सिंह ढींढसा की रिटायरमेंट के चलते सुनवाई नहीं हो सकी थी। ऐसे में अब इस फुल बेंच को पूरा करने के लिए किसी अन्य वरिष्ठ जज को इसमें शामिल करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया था। अब मुख्य न्यायाधीश ने तीनोंं जजों के नाम तय कर इस मामले में आगे सुनवाई का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि पहले यह तय कर लिया जाए कि पंजाब और हरियाणा में हुए इन दंगों के दौरान कितनी सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है और नुकसान की भरपाई के लिए कितने क्लेम आए हैं। कोर्ट को सुझाव दिया गया था कि जिन जिलों में नुकसान हुआ है वहां के सेशन जजों को इसका आकलन कर मुआवजा राशि तय करने का आदेश दिया जाए। इसके अतिरिक्त हाईकोर्ट के रिटायर जज को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अब इस मामले में मुख्य न्यायाधीश के बाद तीन वरिष्ठतम जजों की फुल बेंच सुनवाई कर रही थी।