संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। केंद्र सरकार के बजट पर शहरवासियों ने मिली-जुली राय दी है। बजट के कुछ पक्षों को लोगों ने सराहा है, तो कुछ ने इसे मात्र दिखावा बताया है। खासकर गहने महंगे होने पर महिलाओं ने निराशा व्यक्त की है। सरकार से संबंध रखने वाले नेताओं ने इसको संतुलित और जनहितैषी बजट बताया है। विपक्षी नेताओं ने इसे मात्र दिखावा और चुनावी बजट बताया है। लोगों की राय जानने के लिए अमर उजाला ने महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, वकीलों सहित विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों के साथ बातचीत की। सभी ने अपने विचार व्यक्त किए।
बजट में इंपोर्टेड ज्वेलरी को महंगा कर दिया गया है। महिलाओं में इसको लेकर निराशा है। वहीं रसोई में भी कोई राहत सरकार ने बजट में नहीं दी है। लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने के लिए विशेष प्रयासों की उम्मीद थी। महिलाओं के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। - प्रवीन कुमारी, सेक्टर-12
बच्चों के लिए खिलौने सस्ते जरूर किए हैं। मगर रसोई पहले से भी ज्यादा महंगी होने वाली है। इससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त भार बढ़ेगा। महिला सम्मान बजट पत्र योजना में महिलाओं के लिए राहत देने की योजना है। यह सराहनीय है। - सिंपी शर्मा, सेक्टर-20
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम-2004 में इन्वेस्टमेंट की सीमा बढ़ाना प्रशंसनीय है। वरिष्ठ नागरिक लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि इसमें वार्षिक ब्याज दर कम से कम 9.3 फीसदी हो। यह मांग पूरी होने के बाद ही सही मायने में इसका लाभ मिल सकेगा। - सुभाष पपनेजा, आरडब्ल्यूए सेक्टर-16
बजट में लोगों के लिए कुछ खास नहीं किया गया है। खासकर शिक्षा के बजट को कम करना बहुत ही हैरान करने वाला है। बेहतर शिक्षा से देश का भविष्य तय होता है। मगर सरकार ने उसमें भी कमी कर दी है। यह बजट पूरी तरह से चुनावी प्रतीत हो रहा है। - योगेंद्र क्वात्रा, आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
कर मुक्त आय का स्लैब जिस तरह से बजट में बढ़ाया गया है, उससे लोगों को राहत मिली है। इससे टैक्स के पैसे से कोई भी काम किया जा सकता है। यह बेहतरीन बजट है। इससे सभी वर्गों के लोगों को राहत मिलेगी। - अनिल पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज सेक्टर-1
आयकर स्लैब की संख्या में जिस तरह से चार स्लैब में बनाई गई है, उससे लोगों को टैक्स कम देना होगा। सरकार की तरफ से इस बजट में आम आदमी के साथ-साथ मध्यम वर्ग का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है। - भीम सिंह, शिक्षक, सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-12ए
बजट में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। कस्टम ड्यूटी जिस तरह से पांच फीसदी से घटाकर ढाई फीसदी की गई है। इससे लोगों का इलेक्ट्रानिक्स आइटम को खरीदने में रुझान बढ़ जाएगा। लोगों की चीजों को ध्यान में रखते हुए कीमतें कम की गई हैं। लोगों के लिए मोबाइल, टीवी खरीदने में आसानी होगी। - शुभम मित्तल, एडवोकेट, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
बजट में जिस तरह से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए 30 स्किल इंडिया सेंटर खोले जाएंगे। यह फैसला सराहनीय है। इसके साथ ही पीएम कौशल विकास योजना का 4.0 वर्जन लांच होगा। इससे युवाओं का भविष्य अच्छा होगा। बजट का यह फैसला सराहनीय है।
- मनोज गौड़, वरिष्ठ वकील, पूर्व वाइस प्रेसिडेंट, जिला बार एसोसिएशन