माई सिटी रिपोर्टरपंचकूला। सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में टेस्टिंग किट उपलब्ध नहीं होने के कारण एसजीपीटी, ब्लड यूरिया, एसजीओटी जैसे तमाम टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण उपचार के लिए आने वाले और दाखिल करीब 800 मरीजों को महंगे दरों पर बाहर से टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। करीब एक सप्ताह से टेस्ट नहीं होने के कारण मरीज परेशान हैं। ऐसा फार्मा कंपनियों को 16 लाख का भुगतान नहीं करने के कारण हुआ है। कंपनियों ने पुराना भुगतान किए बिना किट देने पर रोक लगा दी है। लैब इंचार्ज डॉ. नीरज ने विभाग के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर किट के संदर्भ में जानकारी दे दी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार फार्मा कंपनियों का 16 लाख रुपया बकाया है। इसी कारण कंपनियों ने टेस्ट किट देने से साफ मना कर दिया है। जब तक पुराना बकाया चुकता करने के लिए बजट उपलब्ध नहीं होगा, तब तक अस्पताल में लीवर और किडनी से जुड़े टेस्ट नहीं हो पाएंगे। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन करीब चार हजार की ओपीडी है। यहां पंचकूला सहित आसपास के राज्यों और मनीमाजरा से भारी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
तीन दिन से दाखिल, नहीं हुआ टेस्ट
सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में तीन दिन से दाखिल हूं। डॉक्टर ने कुछ टेस्टों के साथ एसजीपीटी, ब्लड यूरिया, एसजीओटी की जांच लिखा था, लेकिन अस्पताल के लैब में टेस्ट नहीं हो पाया। लैब में गया तो पता चला कि टेस्ट किट उपलब्ध नहीं है। इसके चलते तीनों टेस्ट नहीं हो पाएंगे। अब ये तीनों टेस्ट बाहर से कराने पड़ेंगे। - तर्जित सिंह, मरीज
एसजीपीटी टेस्ट क्या है ?
एसजीपीटी एक ब्लड टेस्ट है, जो लीवर में बने एंजाइम को मापने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट से पता चलता है कि आपका लीवर कितना स्वस्थ है। एसजीपीटी का पूरा नाम सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेज है। रक्त में एसजीपीटी का उच्च स्तर लीवर से संबंधित क्षति या समस्याओं का संकेत हो सकता है।
एसजीओटी क्या है ?
एसजीओटी टेस्ट ब्लड टेस्ट है, जो लिवर प्रोफाइल का हिस्सा होता है। यह दो लीवर एंजाइमों में से एक को मापता है, जिसे सीरम ग्लूटामिक-ऑक्सालोएसेटिक ट्रांसएमिनेस कहा जाता है। इस एंजाइम को अब आमतौर पर एएसटी कहा जाता है, जो एस्पार्टेट एमिनोट्रांस्फरेज का संक्षिप्त रूप है। एक एसजीओटी परीक्षण (या एएसटी परीक्षण) यह मूल्यांकन करता है कि रक्त में कितना यकृत एंजाइम है।
ब्लड यूरिया टेस्ट
ब्लड यूरिया की जांच डॉक्टर इसलिए कराते हैं कि आपका किडनी सही से काम कर रहा है या नहीं। ब्लड यूरिया उन लोगों का भी बढ़ जाता है, जिनको डायबिटीज की परेशानी है। ब्लड यूरिया बढ़ने से ब्लड प्रेशर की भी समस्या हो सकती है। कमजोरी और थकान की समस्या लगातार हो रही है, तो ब्लड यूरिया बढ़ा हुआ हो सकता है।
अस्पताल के लैब में किट उपलब्ध नहीं होने के चलते पांच दिन से एसजीपीटी, ब्लड यूरिया, एसजीओटी टेस्ट नहीं किया जा रहा है। टेस्ट किट उपलब्ध कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। - डॉ. नीरज, लैब इंचार्ज, नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला।