पंचकूला। नगर निगम की सोमवार को हुई आम बैठक में वर्ष 2022-23 का लाभ का बजट सर्वसम्मति से पास किया गया। मेयर कुलभूषण गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास और अन्य मदों पर 155.46 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया है, जबकि विभिन्न मदों से 157.18 करोड़ रुपये की आमदनी दिखाई गई है। इस प्रकार वर्ष 2022-23 के बजट में 1.72 करोड़ का लाभ प्रस्तावित है। बजट सीनियर अकाउंट अधिकारी विकास कौशिक ने बजट पेश किया। बैठक में सीवरेज साफ करने के लिए तीन गाड़ियों को किराए पर लेकर काम करवाने पर 50 लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
157.18 करोड़ के बजट में शहर के विभिन्न विकास कार्यों के लिए 69.72 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पहले विकास कार्यों पर जहां 35 से 38 करोड़ रुपये खर्च होता था। मेयर कुलभूषण गोयल का कहना है कि विकास के लिए राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। सेक्टर-7 और 10 के सामुदायिक केंद्र पर 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कई अन्य नए सामुदायिक केंद्रों पर भी राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा, सड़कों, स्टेडियम, रेस्ट हाउस पर भी करोड़ों रुपये खर्च होंगे।
बैठक में निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, संयुक्त आयुक्त संयम गर्ग, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक सुरा, एसई विजय गोयल, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर विकास कौशिक, पार्षद नरेंद्र लबाना, सुरेश वर्मा, रितु गोयल, सोनिया सूद, जय कुमार कौशिक, सुनीत सिंगला, हरेंद्र मालिक, राजेश कुमार, गुरमेल कौर, राकेश कुमार, परमजीत कौर, ओमवती पुनिया, सोनू बिडला, सुशील गर्ग, पंकज कुमार, उषा रानी, गौतम प्रसाद, अक्षयदीप चौधरी, संदीप सिंह, सलीम खान, मनोनीत पार्षद आर.के जैन, मनोनीत पार्षद अरविंद जाखड़, सतबीर चौधरी व निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
यहां से आएगा रुपया
बजट में विज्ञापन का टेंडर देने के बाद नगर निगम को 10 करोड़ रुपये की आय की संभावना दिखाई गई है। मोबाइल टावर फीस से 15 करोड़ रुपये, मोबाइल लाइन से 15 करोड़ रुपये, प्रॉपर्टी टैक्स से 25 करोड़, इलेक्ट्रिसिटी शेयर से 8 करोड़, स्टांप ड्यूटी शेयर से 35 करोड़, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 20 करोड़ रुपये आने का प्रस्ताव है। नगर निगम की एफडी का ब्याज भी 5 करोड़ रुपये आने की संभावना है। अभी नगर निगम के पास 77 करोड़ रुपये पिछली स्टांप ड्यूटी भी आनी बकाया है। केंद्र और प्रदेश सरकार से भी नगर निगम को अलग-अलग ग्रांट आती हैं। इसके तहत 30 करोड़ रुपये ग्रांट आने की संभावना है।
यहां खर्च होगा रुपया
नगर निगम की तरफ से हर साल अधिकारियों और कर्मचारियों को 47 करोड़ रुपये वेतन दिया जाता है। बिजली बिल 5 करोड़ रुपये, पार्क डेवलपमेंट कमेटियों को 3 करोड़ रुपये और नगर निगम की बिल्डिंग का 1 करोड़ रुपये सालाना किराया दिया जा रहा है। अन्य खर्चों में 50 लाख रुपये की राशि थी, जिसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है।
यहां से मिली ग्रांट
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम को अमरुट योजना के तहत 19 करोड़ रुपये 46 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इसी तरह प्रदेश सरकार से 25.28 करोड़ रुपये की ग्रांट आई थी और केंद्र सरकार से 2 करोड़ रुपये की ग्रांट आई थी। बैठक में पार्षद सलीम खान ने पार्षदों को वार्ड डेवलपमेंट के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान करने की बात कही, जिस पर मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि पार्षदों की सहमति से 50 लाख रुपये करवाए जाएंगे।