चंडीगढ़। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई अथवा पैरोल देने से इन्कार किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में मौजूद सांसद ने याचिका में पंजाब सरकार के निर्णय को अवैध, अस्पष्ट और अनुचित बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
याचिका में केंद्र, पंजाब सरकार और अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि उन्हें एनएसए की धारा 15 के प्रावधानों के अनुरूप अस्थायी रिहाई अथवा पैरोल प्रदान की जाए ताकि वह संसद के बजट सत्र में भाग ले सकें। अमृतपाल सिंह ने याचिका में कहा कि अगस्त 2025 की बाढ़ से उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग एक हजार गांव प्रभावित हुए थे, जिनकी समस्याओं को संसद में उठाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र में बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव और विकास संबंधी मुद्दों को भी वह संसद में उठाना चाहते हैं।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी हिरासत और पैरोल से इन्कार का निर्णय राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है तथा इससे लगभग 19 लाख मतदाताओं की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति प्रभावित हो रही है। याचिका सुनवाई के लिए अभी सूचीबद्ध नहीं हुई है, संभावना है कि यह मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इससे पहले दायर याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि एनएसए की धारा 15 के तहत अस्थायी रिहाई देने का अधिकार उपयुक्त सरकार के पास है और वर्तमान मामले में यह अधिकार राज्य सरकार के पास निहित है।