चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने छोटे साहिबजादों की शहादत के सम्मान में 27 दिसंबर को शहीदी सभा के मौके पर मातमी बिगुल बजाने का फैसला वापस ले लिया है। यह फैसला श्री अकाल तख्त और एसजीपीसी के एतराज के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बीते दिनों शहीदी जोड़ मेल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुलाई बैठक के दौरान यह एलान किया था कि शहीदी सभा के मौके पर सुबह 10 बजे से 10 मिनट के लिए मातमी बिगुल बजाया जाएगा और इस दौरान सभी लोग जहां कहीं भी हों, खड़े होकर छोटे साहिबजादों की महान शहादत को नमन करें।
मुख्यमंत्री के मातमी बिगुल संबंधी एलान पर श्री अकाल तख्त और एसजीपीसी के यह कहते हुए एतराज जताया था कि यह गुरु मर्यादा के अनुसार नहीं है और सरकार को यह फैसला रद्द करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को ट्वीट कर फैसला वापस लेने की जानकारी दी। उन्होंने ट्विटर हैंडल पर लिखा- मैं यह बिल्कुल नहीं चाहता कि इन शहादत वाले दिनों में संगत साहिबजादों की कुर्बानियों को नमन करने के अलावा किसी अन्य वाद-विवाद में पड़े... इसलिए भावनाओं की कद्र करते हुए पंजाब सरकार की ओर से 27 दिसंबर को श्री फतेहगढ़ साहिब में बिगुल बजाने वाला फैसला वापस लिया जाता है।