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हरियाणा के तीन लाख से अधिक कर्मचारी और दक्ष बनेंगे, कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले, यहां पढ़ें

Tue, 07 Jul 2020 11:04 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हरियाणा में तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को अपग्रेड किया जाएगा। ये कर्मचारी अपने काम में और दक्ष बनेंगे। ताकि उनकी कार्यप्रणाली में भी निखार आ सके। इतना ही नहीं जिस तरह महामारी का दौर चल रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ई-ऑफिस कल्चर की ओर भी बढ़ रही है। लिहाजा सरकारी कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत है।
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इसी तरह के विभिन्न पहलुओं को देखते हुए हरियाणा सरकार ने हरियाणा राज्य प्रशिक्षण नीति 2020 मुहर लगाई है। कैबिनेट की मीटिंग में इस नीति से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया गया है।31 मार्च 2022 तक सभी तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करके लोगों को उच्च गुणवत्ता का कुशल, पारदर्शी एवं समयबद्घ शासन प्रदान करने और उच्च स्तर की दक्षता, अखंडता और मानव संसाधनों के कौशल को उच्च स्तर पर बनाए रखने का टारगेट रखा गया है।

नीति के तहत राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और राज्य उपक्रम, राज्य वित्त पोषित सहकारी संस्थाएं, जिनमें पंचायती राज संस्थान और स्थानीय निकाय के कर्मचारियों को वर्तमान एवं भावी नौकरियों के लिए दक्ष बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण सेवा में उनके प्रवेश के समय और सेवाकाल के दौरान उचित अंतराल पर दिया जाएगा।
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एचसीएस तथा संबद्घ सेवाओं के सभी अधिकारियों के लिए हिपा द्वारा एक संयुक्त मूलभूत पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। ‘मेरे राज्य का गर्व’ हिपा और 86 अन्य प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा आयोजित किए जाने वाले जेएफसी और अन्य दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्त्रस्मों का हिस्सा होगा।

इसी प्रकार,नैतिकता और अखण्डता, व्यवहार कुशलता, भाषा एवं शिष्टाचार के साथ-साथ तनावमुक्ति आदि के प्रशिक्षण कार्यक्त्रस्म त्रैमासिक रूप से आयोजित किए जाएंगे। आध्यात्मिक एवं योग संस्थानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों के बीच नैतिकता एवं साकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न करने के लिए भागीदार बनाया जाएगा। कर्मचारियों के प्रशिक्षण को एचआरएमएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) राज्य का सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान होगा।

साइबर सिटी, पार्क डेवेलप करना होगा महंगा

हरियाणा में साइबर सिटी व पार्क डेवलप करना अब थोड़ा महंगा होगा। साइबर सिटी के विकास के लिए निर्धारित नीति मानदंडों में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की गई।संशोधन के अनुसार, साइबर पार्क व साइबर सिटी के लिए लाइसेंस फीस की दर को पूर्व में लागू दर से चार गुणा बढ़ाया गया है। अब नीति के तहत, साइबर सिटी परियोजनाओं का विकास वर्क-लिव-प्ले अवधारणा पर किया जाएगा। जिसमें आईटी घटक 66 प्रतिशत (न्यूनतम), वाणिज्यिक 5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और आवासीय 22 प्रतिशत (अधिकतम) एवं मनोरंजन व पार्क चार प्रतिशत अनुमोदित किया गया है। साइबर सिटी, ग्रुप हाउसिंग और वाणिज्य के लिए निर्धारित फीस एवं शुल्क की वसूली संबंधित उपयोग के तहत आने वाले संबंधित क्षेत्र के लिए की जाएगी।

भूमि विस्थापितों को मिलेगी नौकरी
चंडीगढ़। मंत्रिमंडल की बैठक में इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (आईजीएसटीपीपी), झारली, जिला झज्जर के शेष भूमि विस्थापितों को रोजगार देने की स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रिमंडल ने आईजीएसटीपीपी, झारली के 15 पात्र भूमि विस्थापितों की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान करने के अलावा इसके एक भूमि विस्थापित की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति भी प्रदान की है।

अब 16.5 मीटर ऊंचे भवनों को भी मिल सकेगी अग्निशामक एनओसी
प्रदेश में अब 16.5 मीटर ऊंचे भवनों को भी अग्निशामक एनओसी मिल सकेगी। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2009 की धारा-15 (1) में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने के शहरी निकाय विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। ताकि ग्रुप हाउसिंग, बहुमंजिला फ्लैट्स, वॉक-अप अपार्टमेंट, जिनमें निचली मंजिल से ऊपरी मंजिल तक दो सीढिय़ां हैं, सहित आवासीय भवनों के लिए अग्निशमन योजना की स्वीकृति के उद्देश्य के लिए विशेष अग्नि सुरक्षा के मानदंड को मौजूदा 15 मीटर की ऊंचाई से बढ़ाकर 16.5 मीटर किया जा सके। इस निर्णय से विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी जो छोटे आवासीय भूखंडों पर 16.5 मीटर की ऊंचाई तक की चार मंजिलों का निर्माण करना चाहते हैं

भूमि अदला-बदली करने को स्वीकृति
बैठक में ग्राम पंचायत तिहाड़ मलिक, खंड गोहाना, जिला सोनीपत की 14 कनाल एक मरला शामलात भूमि को एनसीएमएल सोनीपत प्राईवेट लिमिटेड की 14 कनाल एक मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह कंपनी 50,000 मीट्रिक टन खाद्यान्नों के भंडारण के लिए 30 वर्षीय पीपीपी आधार पर भारतीय खाद्य निगम के लिए सिलोज़ का निर्माण कर रही है।
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इको फ्रेंडली आवास बनेंगे, सीएलयू परिवर्तन को नई नीति मंजूर

हरियाणा में आवासीय जोन में पर्यावरण अनुकूल आवास बनाए जाएंगे। भूमि उपयोग परिवर्तन यानि सीएलयू की अनुमति प्रदान करने के लिए पर्यावरण अनुकूल आवास नीति को स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल में मंजूर नीति के तहत आवासीय जोन में 2000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र पर पर्यावरण अनुकूल आवास का निर्माण किया जाएगा। यह नीति सरकार की लाइसेंस कॉलोनियों एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के विकसित सेक्टर में आने वाली आवासीय पॉकेट में लागू होंगी।

भूमि उपयोग परिवर्तन के संबंध में 27 फरवरी 2012 और 2 अगस्त 2012 से लागू नीतियां भी साथ मे जारी रहेंगी। नीति के तहत प्लाट पर आवासीय, वाच एवं वार्ड एवं सरवेंट क्वाटर्स के निर्माण की अनुमति होगी। 2000 वर्ग मीटर से एक एकड़ तक के प्लाट पर अधिकतम 20 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और 0.20 एफएआर की अनुमति मिलेगी। सहायक भवनों के तहत 70 वर्गमीटर तक गार्ड रूम एवं सरवेंट रूम का निर्माण किया जा सकेगा। एक एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ क्षेत्र तक के प्लाट पर अधिकतम 15 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और 0.20 एफएआर की अनुमति होगी।

100 वर्गमीटर तक गार्ड रूम एवं सरवेंट रूम का निर्माण कर सकते हैं। प्लाट के चारों और कम से कम छह मीटर खाली स्थान होना चाहिए। अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर होगी। बागवानी, किचन गार्डन एवं अर्बन फॉर्मिंग की अनुमति मिलेगी। प्लाट के किनारों पर वृक्षारोपण करना और घटते भू-जल स्तर के सुधार के लिए सतही पानी के भंडारण के साथ वर्षा के पानी के दोहन का प्रावधान करना अनिवार्य है। बायोगैस प्लांट लगाने की अनुमति होगी। पूल, तालाब एवं जलाशयों की अनुमति भी मिलेगी।

इन्हें एफएआर एवं सैटबैक मानदंडों से बाहर रखा गया है। प्लाट्स को विभाजित करने और बैंक्वेंट हॉल, पार्टी हॉल, मनोरंजन, धार्मिक एवं संस्थागत स्थल जैसी वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
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