हरियाणा में छह महीने एक दिन बाद कोरोना के नए मामलों का आंकड़ा सौ पार कर गया। मंगलवार को प्रदेश में कोरोना के 126 संक्रमित मिले और एक मरीज ने जान गंवाई। 27 जून 2021 को प्रदेश में कोविड के 115 केस मिले थे। उसके बाद 28 दिसंबर 2021 को इतने अधिक केस की पुष्टि हुई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद हॉटस्पॉट बने हैं। बीते 21 दिसंबर को भी सिरसा में एक संक्रमित की मौत हुई थी।
मंगलवार को गुरुग्राम में 76, फरीदाबाद में 22, अंबाला में 12, हिसार, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र-सोनीपत में 1-1, करनाल 4, पानीपत 2, पंचकूला में 6 नए मामलों की पुष्टि हुई है। कुरुक्षेत्र में एक मरीज की कोरोना से मौत हो गई। ओमिक्रॉन के भी दो नए मामले सामने आए हैं। अभी तक प्रदेश में कुल 14 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 7 सक्रिय मरीज हैं, जबकि सात को ठीक होने पर घर भेजा जा चुका है।
प्रदेश में सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या बढ़कर 627 हो गई है। 444 संदिग्ध मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। मंगलवार को 38192 लोगों के नमूने कोविड लिए गए।
ओमिक्रॉन को लेकर बरती जाए सतर्कता: सीएम
मुख्यमंत्री ने सभी डीसी को कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जाए। आवश्यक हो तो उन्हें होम आइसोलेट करें। एक जनवरी से डबल डोज लेने वालों का ही सार्वजनिक स्थलों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
मास्क लगाने, हाथ धोने और उचित दूरी रखने जैसे निर्देशों का पालन करवाएं। 15 से 18 वर्ष के किशोरों व युवाओं का 3 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू हो जाएगा। 60 वर्ष से अधिक आयु व गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगनी शुरू होगी।
जिलास्तर पर लोगों को दोनों डोज लगवाने के लक्ष्य पर काम करें। कोरोना की पहली व दूसरी लहर पर काबू पाने में भी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्य किया है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब आदेश जारी किए गए हैं कि 50 से अधिक बेड वाले अस्पताल चाहे वे सरकारी हों या निजी, सभी को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पीएसए प्लांट लगाना अनिवार्य होगा।
तीसरी लहर से लड़ने की आधी अधूरी तैयारी: सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे से बचने के लिए प्रदेश के लोगों को खुद ही सावधानी बरतते हुए इंतजाम करने होंगे। कुमारी सैलजा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता के बीच जो मंजर प्रदेश में नजर आया था, उसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं, जो आज तक पूरी नहीं हुई हैं। जबकि, ओमिक्रॉन के मामले देश-प्रदेश और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ रहे हैं।
इसके साथ ही ब्लैक फंगस के कई मामले पिछले दिनों अकेले पीजीआई रोहतक में ही पहुंच चुके थे। अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के 8 जिलों में अभी तक पीकू वार्ड भी नहीं बन पाए हैं, जबकि एक जिले में निक्कू वार्ड भी नहीं बनाया गया है। प्रदेश के 4 जिलों में बच्चों के लिए अलग से ऑक्सीजन बेड तक का भी इंतजाम नहीं है।
चरखी दादरी जिले में कोई भी एमडी मेडिसिन नहीं है तो कुरुक्षेत्र जिले में एक भी ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं हो पाया है। जींद में आईसीयू बेड नहीं शुरू हो पाए हैं तो सोनीपत व पलवल में पीकू वार्ड नहीं बन पाया है। किसी भी जिले में कोई भी तैयारी अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि प्रदेश के लोगों की कीमती जान बचाने के लिए गंभीरता से बेड, वेंटिलेटर, आईसीयू, ऑक्सीजन, विशेषज्ञ डॉक्टर, दवा आदि जरूरी संसाधनों की कमी को तुरंत दूर करे।