मानसून के दौरान बाढ़ क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष में लगे फोन नंबर को प्रशासनिक अधिकारियों ने चेक करवाने के साथ ठीक करवा दिया है। इसके साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को ड्यूटी संबंधी कई तरह के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष में लगे फोन नंबरों की सच्चाई जानने के लिए अमर उजाला ने सभी नंबरों को मिलाया था। इस दौरान अधिकांश फोन नंबर बंद मिले थे। जबकि इनमें से एक फोन नंबर खराब मिला था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद पंचकूला प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और सभी नियंत्रण कक्ष के फोन नंबरों को चेक करवाया। जो खराब मिले उन्हें तत्काल ठीक करवाया।
जिला प्रशासन ने झुग्गी झोपड़ियों को हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक इनको हटाया नहीं जा सका है। इतना ही नहीं, घग्गर किनारे भी लोगों के आने जाने पर अभी भी सख्ती नहीं बरती जा रही है। अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा ने बताया कि उपायुक्त ने मोंगीनंद के नजदीक बहने वाली नदी का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं कि नदी तल (बेट) में बने अस्थाई आवास को हटवाना सुनिश्चित करें। अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को घग्गर नदी, टांगरी व अन्य बरसाती नालों पर ऐतिहात के तौर पर अपनी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं तथा मोबाइल पंप सेटों को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए।