सेक्टर-20 की नौ सोसाइटियों में कई हफ्तों से बंदरों का उत्पात
आरडब्ल्यूए ने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर-20 की नौ सोसाइटियों में बंदरों का उत्पात लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आरडब्ल्यूए के अनुसार, सोसाइटियों के पीछे बने घने जंगल में 8 से 10 बंदरों ने डेरा जमा रखा है। बंदर छतों पर रखी पानी की टंकियों के ढक्कन खोलकर उनमें नहा रहे हैं और बॉल कॉक तोड़ रहे हैं। इससे पानी दूषित होने और लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-20 ने इस संबंध में मेयर श्याम लाल बंसल और नगर निगम आयुक्त को पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है। आरडब्ल्यूए ने पत्र के साथ सोसाइटियों के पीछे बने जंगल की तस्वीरें भी भेजी हैं। प्रधान केके जिंदल और महासचिव अविनाश मलिक ने वन विभाग और नगर निगम से बंदरों को पकड़ने तथा जंगल की सफाई कराने की मांग की है।
छत पर जाना बंद, बच्चों के पार्क में खेलने पर रोक
आरडब्ल्यूए के अनुसार, बंदरों के डर से लोग छतों पर जाने से बच रहे हैं। बच्चों का पार्क में खेलना भी प्रभावित हुआ है। लोगों को आशंका है कि बंदर अचानक किसी बच्चे या बुजुर्ग पर हमला कर सकते हैं।
बंदरों के कारण पानी की टंकियों के वाल्व टूटने से पानी की बर्बादी की शिकायत भी सामने आई है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बंदरों की संख्या बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बंदरों से बचने के लिए लगाए जाले
निवासियों ने बताया कि ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों ने बंदरों को घरों में आने से रोकने के लिए जाले लगाए हैं। कुछ जगहों पर रास्तों को लकड़ियों से भी बंद किया गया है। लोगों का कहना है कि उन्हें अपने ही घरों में सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ रहा है।
वन विभाग की टीम भेजने की मांग
आरडब्ल्यूए प्रधान केके जिंदल ने मांग की कि वन्यजीव विभाग की टीम तुरंत भेजकर बंदरों को पकड़ा जाए और उन्हें जंगल में छोड़ा जाए। वहीं, महासचिव अविनाश मलिक ने सोसाइटियों के पीछे बने घने जंगल की सफाई और छंटाई कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर निगम और वन विभाग को संयुक्त रूप से समस्या का समाधान करना चाहिए। नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि शहर में जिन स्थानों पर बंदरों की समस्या है, वहां नगर निगम निरीक्षण करवा रहा है और बंदरों को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।