जालंधर। विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम की बिल्डिंग इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर को बटाला से गिरफ्तार किया है। हरप्रीत कौर ने विधायक रमन अरोड़ा के साथ मिलकर एक बेकरी संचालक से तीन लाख रुपये लिए थे। हरप्रीत उसके इलाके में तैनात थी। विजिलेंस की टीम अब हरप्रीत द्वारा की गई वसूली व विधायक के साथ लेनदेन का पूरा ब्यौरा खंगालेगी।
इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर पहले भी गिरफ्तार हो चुकी है, जब वह अमृतसर में तैनात थी। 2021 में हरप्रीत उसके पति प्रथमेश मोहन उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया था। इस दंपती ने मनोज छाबड़ा की इमारत को गैरकानूनी बताकर उससे 1.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। 24 अक्टूबर 2020 को बिल्डिंग इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर, अपने बेलदार राजीव कुमार, पवन कुमार के साथ उनकी बिल्डिंग में पहुंचीं और काम बंद करवा दिया। निगम की टीम वहां पड़ा बिल्डिंग मटीरियल लेकर चली गई। इसके कुछ दिन बाद आरोपित अफसर के पति प्रथमेश मोहन ने शिकायतकर्ता के साथ संपर्क करना शुरू कर दिया था। बाद में विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस के आला अधिकारियों के मुताबिक हरप्रीत कौर विधायक रमन अरोड़ा ने अपने इलाके में तैनात करवा रखा था। वह रमन के कहने पर लोगों को नोटिस भेजकर तंग परेशान करती थी और बाद में पैसा लिया जाता था। दुग्गल बेकरी संचालक से भी तीन लाख रुपये वसूले गए थे। हालांकि पहले वह ढाई लाख रुपये लेकर हरप्रीत से मिला था लेकिन बाद में हरप्रीत ने कहा कि विधायक रमन ने तो तीन लाख रुपये मांगे है और पचास हजार और ले लिये।