रायपुररानी। खस्ताहाल सड़कों को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन हैरानी सरकार के विधानसभा में दिए लिखित जवाब से हो रही है। लोग टूटी सड़कों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार संतोषजनक जवाब तक नहीं दे पा रही है। उक्त शब्द कालका विधायक प्रदीप चौधरी द्वारा विधानसभा में खस्ताहाल सड़कों की स्थिति के बारे में उठाए प्रश्न पर सरकार द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर कहे। उन्होंने कहा कि गड्ढों में तब्दील सड़कों को सरकार बेहतर बता रही है।
विधायक ने कहा कि उनके द्वारा बदहाल सड़कों को लेकर विधानसभा में सवाल किए गए थे। इनका उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लिखित में जवाब दिया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं है। रायपुररानी क्षेत्र कि जर्जर सड़कों पर सरकार से सवाल किया कि क्या काजमपुर से भरौली, बागवाली से बागवाला, गढ़ी से मसूमपुर, टांगरी पुल से त्रिलोकपुर चौक, टोका से दुधगढ़ सड़कों का कम तक पुन: कॉरपरेट करने की संभावना है तो उन्होंने टांगरी पुल से त्रिलोकपुर चौक तक खस्ताहाल सड़क को यातायात योग्य बताया है। इसी प्रकार टोका से दुधगढ़ सड़क पर पैचवर्क कर योग्य बना दिया बताया। गढ़ी से मसूमपुर सड़क को भी योग्य बताया और पीएमजीएसवाई फेज 3 के तहत मरम्मत का प्रस्ताव भेजा है और मंजूरी का इंतजार है।
बागवाली से समानवा सड़क यातायात योग्य बताई
बागवाली से बागवाला सड़क की 19 साल बाद भी मरम्मत की बात कही है। बागवाली से समानवा सड़क की मरम्मत करके यातायात योग्य बताया है। काजमपुर से टिककरताल सड़क को वन विभाग की मंजूरी के बाद बनाने की बात कही गई। हंगोला से हंगोली और रायपुररानी से गोबिंदपुर और पिंजौर के मढ़ावाला से बरोटीवाला और कालका मंदिर से मल्लाह रोड सरकार की नजर में सही स्थिति में बताए जा रहे हैं। कालका मंदिर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 1470.96 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की बात कही, लेकिन सड़क बनाने की समय सीमा कोई तय नहीं की गई है।
असल स्थिति से सरकार अनजान
विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि असल स्थिति से सरकार अनजान है और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही विधानसभा में जवाब दिए जा रहे हैं। जबकि लोग जानते हैं कि इन सड़कों की हालत कितनी ज्यादा खराब हो चुकी है। हर रोज हादसे हो रहे हैं, टूटी सड़कों से लोगों का निकलना मुश्किल हो चुका है। फिर भी सरकार जिस प्रकार से संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही हैं। उससे साफ है कि सरकार को आम जनता की कोई फिक्र नहीं है।