दुष्कर्म की शिकार नाबालिग ने अपने 21 सप्ताह के गर्भ को गिराने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मेवात के मेडिकल कॉलेज को बोर्ड गठित कर पीड़िता की जांच करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए मेवात निवासी पीड़िता ने बताया कि वह 17 साल की है और दुष्कर्म के चलते वह गर्भवती हुई है। इस मामले में 21 अक्तूबर को एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। याची ने कहा कि वह खुद अभी नाबालिग है और अगर गर्भ गिराने की अनुमति नहीं दी गई तो उसके भविष्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
याची ने बताया कि गर्भ 21 सप्ताह से ऊपर का है और ऐसे में हाईकोर्ट की अनुमति के बिना गर्भपात नहीं करवाया जा सकता है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलील सुनने के बाद नूंह के शहीद हसन खान मेडिकल कॉलेज को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। बोर्ड पीड़िता की जांच कर कोर्ट को बताएगा कि क्या पीड़िता का गर्भपात सुरक्षित होगा। हाईकोर्ट मेडिकल बोर्ड की राय के बाद ही इस मामले पीड़िता की मांग पर फैसला सुनाएगा।