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मेयर ने नगर निगम दफ्तर में मारा छापा : 161 जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित मिले

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पंचकूला। नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल ने बुधवार को सेक्टर-4 में नगर निगम के दफ्तर में चल रही विभिन्न शाखाओं में छापा मारा और यहां की कार्यप्रणाली की जांच की। दरअसल मेयर के पास शहर के लोगों की शिकायतें आ रही थी कि सेक्टर-4 में बैठने वाले कर्मचारी समय पर उनका काम नहीं करते हैं। जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने वाले कर्मचारी के खिलाफ भी लोगों की काफी शिकायत मिली थीं। कर्मचारी की ओर से लोगों को समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे थे और बड़ी संख्या में लोगों के प्रमाणपत्र महीनों से लंबित पड़े हुए थे। इस पर मेयर ने जांच की तो देखा कि करीब 161 जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र कर्मचारी के पास लंबित पड़े थे।
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इस कर्मचारी ने मेयर से कहा कि एक प्रमाणपत्र जारी करने में करीब सवा महीना लग जाता है। इस पर मेयर ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल दस दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उप निगम आयुक्त अपूर्व चौधरी को निर्देश दिए कि वह जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित मामले की खुद देखरेख करें और लोगों को किसी प्रकार की समस्या न आने दें। सेक्टर-4 में हाउस टैक्स सहित निगम के अन्य जनता से जुड़े कार्य किए जाते हैं। यहां पर लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन जिस समय मेयर पहुंचे, तो इस दफ्तर से 25 प्रतिशत कर्मचारी गायब मिले। यहां के नौ में से केवल पांच काउंटर ही खुले थे। इस कार्यालय के एसी, लाइट्स, पंखें, एलईडी इत्यादि भी अच्छी कंडीशन में नहीं मिले। मेयर ने अपूर्व चौधरी से कहा कि जनता से जुड़ी इस शाखा में सभी व्यवस्थाओं को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करवाया जाए। मेयर ने कहा कि वह जल्दी दोबारा इस कार्यालय का निरीक्षण करेंगे, यदि यह व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान मेयर ने सेक्टर-4 में निगम की इस बिल्डिंग ब्रांच शाखा का निरीक्षण भी किया। मौके पर बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुशील कुमार की मेयर ने जमकर क्लास लगाई। दरअसल पिछले दिनों रेवेन्यू रिलाइजेशन कमेटी की बैठक में शहर के अंतर्गत पड़ने वाले गांव कोट बिल्ला में बने अवैध 45 फार्म हाउस को गिराने के लिए निर्देश पारित किए गए थे, लेकिन बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने एक सप्ताह से अधिक समय के बाद भी इन फार्म हाउस के मालिकों को नोटिस तक जारी नहीं किया था। मेयर ने अपूर्व चौधरी को निर्देश दिए कि अगर बिल्डिंग इंस्पेक्टर द्वारा दो दिन के अंदर संबंधित फार्म हाउस के मालिकों को नोटिस नहीं दिया गया, तो इसे सस्पेंड कर दिया जाए और किसी अन्य जूनियर इंजीनियर को कार्य सौंप दिया जाए।
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इस शाखा में संबंधित कार्य के कर्मचारियों को भी कर चार्जशीट करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने सेक्टर 4 में चल रहे कॉमन फैसिलिटी सेंटर चलने के संबंध में भी जवाब तलब किया है। महापौर ने पूछा कि जब इस सीएफसी सेंटर पर ताला लगा हुआ था और स्टे थी, तो इसे खोलने की परमिशन किसने दी है। साथ ही इस बिल्डिंग में चल रहे इंडसइंड बैंक के एटीएम के बारे में भी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने देखा कि नगर निगम सेक्टर-4 के जिस सामुदायिक केंद्र में चल रहा है, उसकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है और तुरंत प्रभाव से रिपेयर की आवश्यकता है। महापौर ने अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार को निर्देश दिया कि तुरंत प्रभाव से मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए।
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