चंडीगढ़। सेक्टर-9/17 डिवाइडिंग रोड पर सड़क पार कर रहे 19 वर्षीय युवक की ग्रिल पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सेक्टर-26 बापूधाम कॉलोनी निवासी पवन अपने भाई मनोज से मिलने सेक्टर-17 आया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-16 सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के असली कारणों का खुलासा होगा। सेक्टर-3 थाने के एडिशनल एसएचओ एसआई लखविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। लखविंदर ने कहा कि जांच की जा रही है। सेक्टर-9/17 डिवाइडिंग रोड पर 82 नंबर पोल के पास ग्रिल पर यह हादसा हुआ। पुलिस ने ग्रिल में करंट आने की जांच करवाई, लेकिन करंट नहीं था।
मनोज ने बताया कि मां ने कहा कि भाई पवन को पूछो कि घर कब तक पहुंचेगा। उसने फोन किया तो किसी और ने फोन उठाया और अस्पताल में होने की बात कहकर करंट लगने से मौत होने का कारण बताया।
मनोज ने बताया कि वह सेक्टर-17 पेट्रोल पंप पर काम करता है। वीरवार रात करीब साढ़े 9 बजे पवन उसके पास पैसे लेने के लिए आया था।
पुलिस के अनुसार, पवन की पेंट ग्रिल में फंस गई, जिससे उसका मुंह ग्रिल में लग गया। हालांकि मौत हार्ट अटैक, करंट, चोट या फिर किसी और कारण से हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा होगा।
पवन के भाई प्रियंक ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उनके भाई की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने प्रयास नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि पवन की जेब में 20 हजार रुपये थे, लेकिन अस्पताल में उसके पास से पैसे नहीं मिले। जबकि मोबाइल उसी के पास था। पवन सेक्टर-26 मंडी में पिता के साथ काम करता था। पवन का एक भाई और एक बहन है।
अस्पताल में एंबुलेंस चालक से मारपीट
पवन के परिजन और जानकार घटना की जानकारी मिलने के बाद भारी संख्या में सेक्टर-16 अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने एंबुलेंस चालक से अस्पताल में मारपीट की। जब परिजनों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एंबुलेंस चालक से यह पूछने पर कि उनका भाई कहां है, उसने जवाब दिया कि वह मर चुका है। इसी बात पर उन्होंने चालक से मारपीट की। एंबुलेंस चालक ही पवन को घटनास्थल से अस्पताल लेकर आया था। चालक ने सेक्टर-16 अस्पताल चौकी में मारपीट की शिकायत दी है।