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सैन्य सम्मान के साथ विदा हुए मेजर अनुज: इकलौते बेटे के ताबूत से लिपटकर रोई मां, बिलख उठे पिता

Thu, 23 Sep 2021 08:26 AM IST
निवेदिता वर्मा अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला

सार

शहीद अनुज राजपूत मां ऊषा आर्य और एडवोकेट पिता केएस आर्य की एकमात्र संतान थे। 25 अगस्त को ही दिल्ली में उनकी सगाई हुई थी। मंगलवार सुबह ही उनकी मां ऊषा आर्य ने सहेली को बताया था कि फरवरी, 2022 में अनुज की शादी कर देंगी लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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इकलौते बेटे के शव को देख बिलख उठे मेजर अनुज के माता-पिता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पटनीटॉप में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए मेजर अनुज राजपूत का बुधवार दोपहर को पूरे सैनिक सम्मान के साथ पंचकूला में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान इकलौते बेटे का पार्थिव शरीर देखकर मां बुरी तरह बिलख पड़ी। उनके चेहरे पर मानो सारे जहां का दर्द उमड़ आया। बेटे की एक झलक पाने के लिए ताबूत से लिपट गई। उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। बार बार आवाज देकर अनुज को बुला रही थीं। उनकी सिसकियों ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू ला दिए।

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यही हाल पिता का भी था। वह बुरी तरह टूटे हुए नजर आ रहे थे। बेटे के अंतिम दर्शन कर उसके माथे को चूमते समय वह खुद भी बिलख पड़े। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि बेटा उन्हें यूं छोड़कर चला जाएगा। मां जिस कलेजे के टुकड़े के सिर पर सेहरा सजाने के सपने बुन रही थी, वह तिरंगे में लिपटकर दुनिया से विदा हो गया। 


शहीद अनुज राजपूत मां ऊषा आर्य और एडवोकेट पिता केएस आर्य की एकमात्र संतान थे। बड़े अरमानों से बेटे को उन्होंने पाला था। उसकी शहादत की खबर मंगलवार को ही परिवार को मिल गई थी। इसके बाद वह जम्मू रवाना हो गए थे। बुधवार को जवान बेटे का पार्थिव शरीर जब ताबूत में लाया गया तो उनकी चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। हर शख्स की आंखें गीली हो गईं। बेबस मां को संभालने या सांत्वना देने की हिम्मत तक किसी में नहीं थी। होती भी कैसे, उनकी दुनिया जो उजड़ चुकी थी। कोई उन्हें क्या कहकर ढांढस बंधाता। अपने लाल का चेहरा देखने के लिए वह छटपटा रही थीं। सैन्य अधिकारियों ने जैसे ही ताबूत को खोला तो माता पिता दोनों उससे लिपट गए। बिलखते हुए पिता के मुंह से निकला- बेटा बीच रास्ते में साथ छोड़कर चला गया। अब वह किसके सहारे जिंदा रहेंगे। 
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25 अगस्त को हुई थी सगाई
मेजर अनुज की गत 25 अगस्त को ही दिल्ली में सगाई हुई थी। मंगलवार सुबह ही उनकी मां ऊषा आर्य ने सहेली को बताया था कि फरवरी, 2022 में अनुज की शादी कर देंगी। ऊषा सेक्टर- 20 स्थित गांव कुंडी के सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। वह बड़े अरमानों से तैयारियों में जुटी थीं। मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे स्कूल से घर जाते समय बेटे की शादी के बारे में अपनी सहयोगियों को बता रही थीं। इसके कुछ ही देर बाद जम्मू से आई मनहूस खबर ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए। वह अवाक रह गईं। 

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