अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विजिलेंस ब्यूरो की टीम आय से अधिक संपत्ति मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को मंगलवार हाई सिक्योरिटी में जांच के लिए मजीठा लेकर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने मजीठिया की पत्नी विधायक गनीव कौर के दफ्तर को भी ताला लगाया और डेढ़ घंटे तक मजीठिया से पूछताछ की। साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी अलग-अलग टीमों की तरफ से जांच की गई।
हिमाचल प्रदेश में संपत्तियों की निशानदेही और गवाहों के बयानों के आधार पर विजिलेंस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। मजीठिया का बुधवार को रिमांड खत्म होने वाला है, जिसके चलते उनको कोर्ट में पेश किया जाना है। विजिलेंस की टीम रिमांड की अवधि बढ़ाने के लिए केस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जुटा रही है, ताकि उन्हें कोर्ट के समक्ष रखा जा सके। जांच के दौरान मजीठिया के कार्यालय से काफी इलेक्ट्रॉनिक सामान व दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिसमें कंप्यूटर, इंटरनेट की सामग्री समेत अन्य सामान शामिल है।
गनीव की इस दौरान पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। उन्होंने पुलिस से दफ्तर के अंदर जाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इस कारण उन्होंने पुलिस के खिलाफ धरना भी दिया।
अब तक इस केस में पंजाब के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, ईडी के पूर्व उपनिदेशक निरंजन सिंह, पूर्व विधायक बोनी अजनाला और मजीठिया के पूर्व पीए तलबीर सिंह गिल, अकाली नेता मनिंदर सिंह उर्फ बिट्टू औलख और जगजीत सिंह चहल के बयान दर्ज किए गए हैं। इनके आधार पर ही विजिलेंस पंजाब समेत अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर रही है। इसमें मजीठिया का घर, पत्नी विधायक गनीव कौर का दफ्तर, चंडीगढ़ में घर और अन्य सभी जगह शामिल हैं।
विजिलेंस के अधिकारियों के 22 से 25 वाहन थे। साढ़े तीन से पांच बजे तक दफ्तर में मजीठिया से पुलिस ने पूछताछ की और फिर मोहाली के लिए लौट गए। मजीठा में पुलिस द्वारा डेढ़ बजे ही सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। मजीठिया के कार्यालय में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए थे, ताकि अकाली वर्कर और मजीठिया के समर्थक कहीं उनकी जांच में किसी तरह की रुकावट न बनें।
बिना कोर्ट ऑर्डर आई टीम, मुझे दफ्तर नहीं जाने दिया : गनीव कौर
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मजीठिया के समर्थकों को दफ्तर तक नहीं पहुंचने दिया गया। मजीठिया की पत्नी गनीव कौर करीब डेढ़ बजे दफ्तर पहुंचीं तो उन्हें भी पहले ही रोक दिया गया। विधायक गनीव कौर ने बताया कि मेरे दफ्तर की जांच को लेकर विजिलेंस के पास किसी तरह का कोर्ट ऑर्डर नहीं है। वह रोज की तरह मजीठा स्थित अपने कार्यालय पहुंचीं थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें दफ्तर तक नहीं जाने दिया गया। उन्हें अभी तक यह पता नहीं लग रहा है कि विजिलेंस टीम नशे के केस में या फिर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में जांच कर रही है। सरकार मजीठिया से डर रही है।
एनडीपीएस की एक धारा लगाकर दिखाएं, वकील सोबती की विजिलेंस को चुनौती :
मजीठिया के वकील दमनवीर सिंह सोबती ने मजीठिया के एक्स अकाउंट से एक पोस्ट डालकर डीजीपी पंजाब, विजिलेंस चीफ और पंजाब एजी को चुनौती दी कि वे इस मामले में एक छोटी सी भी एनडीपीएस की धारा लगाकर दिखाएं।