उधर, पड़ोसी जिले मोहाली में 35 पशु बीमार हैं। पशु पालन विभाग ने बीमारी से निपटने के लिए 18 पशु चिकित्सकों की टीमें गठित करके जिले में तैनात कर दी हैं। इसके साथ ही फेज-एक स्थित नगर निगम की गोशाला में स्पेशल आइसोलेटेड वार्ड तैयार कर दिया है।
अगर गोशाला में किसी भी पशु में बीमारी सामने आती है तो उक्त पशु को वहां पर रखा जाएगा। इसके साथ बीमारी से निपटने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। बनूड़ में 11 दिन में 40 गायों की मौत हो चुकी है।
लंपी बीमारी के लक्षण
डॉ. रूप राम ग्रोवर ने बताया कि (लंपी स्किन डिसीज) पशुओं को होने वाली एक वायरल बीमारी है। ये पॉक्स वायरस से मवेशियों में फैलती है। यह बीमारी मच्छर और मक्खी के जरिए एक से दूसरे पशुओं में फैलती है। इस बीमारी के लक्षणों में पशु के शरीर पर छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। पशु के शरीर पर जख्म नजर आने लगते हैं। पशु खाना कम कर देता है। उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है।
मानसून में बढ़ा खतरा
पशु चिकित्सकडॉ. रूप राम ग्रोवर ने बताया कि मानसून इस रोग को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। बारिश के मौसम में इस बीमारी का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इस समय मच्छर और मक्खियों की तादात बढ़ जाती है। ऐसे में किसी मवेशी को छोटी जगह और कीचड़ युक्त जगहों पर नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा मवेशी के इम्यून सिस्टम पर विशेष ध्यान दें। इम्यून सिस्टम अच्छा रहेगा, बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा।
दूध उबालकर पीएं
रायपुररानी क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. नीतू गोयल ने बताया कि यह बीमारी जानवरों से मनुष्यों में नहीं फैलता। यह एक जानवर से दूसरे जानवर में फैलता है। इस समय सबकों ध्यान देने की जरूरत है। जिस गाय में इस तरह के लक्षण नजर आते हैं, उसका दूध उबालकर पीएं। इसके अलावा जानवरों की साफ सफाई के साथ -साथ, जहां पर पानी एकत्रित है, वहां स्प्रे करवाना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
- मवेशियों को एक से दूसरे जिले में ले जाना भी तुरंत बंद करें
- खून चूसने, संक्रमण फैलाने वाले मच्छर-मक्खियों से बचाएं
- संभव हो तो बाड़े के बाहर न निकालें
- बाड़ा भी साफ, सूखा व मच्छर-मक्खी रहित बनाए रखें
- रात के समय मवेशियों को एक से दूसरी जगह न ले जाएं
- चूने खासतौर पर बिना बुझे चूने या कास्टिक चूने से पशु की खाल पर परत बनाएं, इससे कीड़ों से बचाव होगा।
क्या हैं लक्षण
- पशुओं को चलने फिरने में परेशानी हो रही है
- पांव सूज रहे हैं, शरीर पर गांठें हो रही हैं और बुखार भी आ रहा है
- इससे वह खान पान भी नहीं कर पा रहे हो