मोरनी। क्षेत्र में वीरवार रात से शुक्रवार सुबह तक हुई भारी बरसात ने ने मोरनी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बिजली की गड़गडाहट के साथ मूसलाधार बारिश के कारण न केवल मुख्य मार्ग बाधित हुए बल्कि लोकल रूटों पर भी पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा आने से आवागमन रुक गया। कुछ स्थानों पर पेड़ भी गिरे। गिरे पेड़ों को रास्तों से स्थानीय लोगों ने खुद हटाने का काम किया। इसके अलावा मार्ग मलबे से अवरूद्ध होने के चलते जरूरी चीजें भी मोरनी तक नहीं पहुंच सकी।
मार्ग अवरुद्ध, यात्री फंसे रहे
मोरनी से पंचकूला जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा गिरा। टिकरी-सिल्यों के पास भारी मात्रा में मलबा आया। वहीं, भूडी गांव के पास पहाड़ धंसने से सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। थापली, धामण क्षेत्र में भी लोगों को इसी समस्या का सामना करना पड़ा।
परिवहन सेवा ठप
लगातार बारिश और मलबा गिरने की वजह से हरियाणा रोडवेज की बस सेवा भी पूरी तरह बंद रही। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
किसानों को बड़ा नुकसान
बरसात का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। नगदी फसलों जैसे टमाटर, मिर्च व अन्य सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश और धूप न निकलने से फसलें बीमारियों की चपेट में आ रही हैं और पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
पलासरा गांव में सबसे ज्यादा असर
पलासरा गांव में बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। गांव को जाने वाला रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के मुख्य मार्गों पर बचाव दीवारें टूट गईं। के अलावा इलाके के 20 पंचायतों में कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान हुआ। कहीं घरों के पास बनाई गई दीवारें ढह गईं तो कहीं कच्चे मकानों की छतें गिर गईं।
लोगों की बढ़ी चिंता
शुक्रवार सुबह धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन दोपहर बाद हुई दोबारा बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। मौसम विभाग के आगामी दिनों में और बारिश के अलर्ट जारी करने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।