कालका। प्राचीन श्री काली माता मंदिर भवन के नवनिर्माण के कार्य के लिए माता मनसा देवी बोर्ड ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कि वह इस कार्य को पूर्ण करें। एचएसवीपी की ओर से स्वीकृति आने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी। टेंडर होने के बाद चरणबद्ध तरीके से मंदिर भवन के नवनिर्माण का काम लगवा दिया जाएगा।
नवरात्र के दौरान 4 अप्रैल को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्राचीन श्री काली माता मंदिर में शीश नवाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर के नवनिर्माण के कार्य का शिलान्यास भी किया था। 4 करोड़ 30 लाख की लागत से मंदिर भवन का नवनिर्माण होगा।
चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा कार्य
मंदिर सचिव पृथ्वीराज ने बताया कि मंदिर भवन के नवनिर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा। पहले चरण में मंदिर के पुराने भवन को ध्वस्त किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में नवनिर्माण का कार्य होगा। हालांकि गर्भगृह से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मंदिर परिसर को एक काॅरिडोर के रूप में बनाएंगे। मंदिर के गुंबद को अष्टधातु से निर्मित किया जाएगा। उसके ऊपर एक माता का झंडा भी लगाया जाएगा। बताया कि मंदिर के प्रवेश द्वार को भी भव्य रूप दिया जाएगा।
कालका-परवाणू बैरियर के पास सिंह द्वार बनाने की है योजना
मंदिर सचिव पृथ्वीराज ने बताया कि कालका में जो सिंह द्वार बनाने की बात चल रही थी उसके लिए उचित जगह नहीं मिल पा रही थी। कालका-परवाणू बैरियर के समीप जहां शहर का वेलकम बोर्ड लगा हुआ है, उस जगह पर सिंह द्वार बनाने पर विचार चल रहा है। इस बाबत नगर परिषद को एक लेटर भी भेजा गया है। अगर सहमति बन जाती है तो वेलकम बोर्ड को विशाल रूप देकर यहीं पर सिंह द्वार और वेलकम बोर्ड बनवा दिया जाएगा।
पार्किंग पर बोर्ड की बैठक में होगी चर्चा
सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री भी बोल गए हैं कि मंदिर पार्किंग का निर्माण जरूर होगा जिसको लेकर जमीन मालिकों से बातचीत जारी है। उम्मीद है कि पार्किंग को लेकर भी जल्द अच्छी खबर सामने आएगी। मई में होने वाली बोर्ड की बैठक में पार्किंग को लेकर चर्चा की जाएगी।